रूस की प्रतिक्रिया: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद क्या बोला मॉस्को?
क्रेमलिन ने स्पष्ट किया कि भारत से तेल खरीद बंद करने के कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिले

भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित व्यापार समझौते के बाद रूस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस डील में भारत से रूसी तेल की खरीद बंद करने का दावा किया, लेकिन मॉस्को ने इसे खारिज कर दिया है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि भारत ने रूस से तेल की खरीद बंद करने के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत-रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी “हमारे लिए महत्वपूर्ण” है और मॉस्को इसे आगे भी मजबूत रखना चाहता है।
रूस ने यह भी बताया कि ट्रंप के दावे से उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली, और भारत के साथ तेल तथा ऊर्जा सहयोग पिछले दशकों की तरह चलता रहेगा। पेस्कोव का कहना था कि भारत की ओर से तेल खरीद के बारे में कोई बयान नहीं सुना गया है।
डील के तहत अमेरिका ने कहा है कि वह भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करेगा, और भारत के उत्पादों का अमेरिकी बाजार में प्रवेश बढ़ाने की बात कही है। हालांकि तेल खरीद को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है और दोनों देशों के बीच इस पर बातचीत जारी है।
इस प्रतिक्रिया से साफ है कि रूस भारत के साथ अपने पुराने संबंधों को कायम रखने की दिशा में काम कर रहा है, भले ही अमेरिका-भारत व्यापार साझेदारी में नए मोड़ आ रहे हों।

