उज्जैन की मोगिया बस्ती में सड़क बदहाल, बारिश में दलदल बन जाता है रास्ता
बिसनखेड़ी से करीब 1.75 किमी दूर बस्ती के 250 से 275 रहवासी परेशान; स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को आने-जाने में हो रही परेशानी

उज्जैन। तराना तहसील के ग्राम बिसनखेड़ी की मोगिया बस्ती में सड़क की खराब स्थिति के कारण रहवासियों की परेशानी लगातार बनी हुई है। गांव के मुख्य मार्ग से करीब 1.75 किलोमीटर अंदर स्थित बस्ती तक पहुंचने वाला रास्ता बारिश के दौरान कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है। इससे बस्ती में रहने वाले करीब 250 से 275 लोगों को रोजाना आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बस्ती में करीब तीन दशक से परिवार निवास कर रहे हैं, लेकिन मुख्य सड़क से बेहतर कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण यहां मूलभूत आवागमन की समस्या बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्र में यह रास्ता ही बस्ती को मुख्य मार्ग से जोड़ता है।
बारिश में पैदल निकलना भी मुश्किल
मोगिया बस्ती तक जाने वाला रास्ता बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा खराब हो जाता है। सड़क पर कीचड़ और दलदल होने के कारण दोपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। कई जगह पैदल चलने में भी परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले इस मार्ग पर मनरेगा के तहत खेत सड़क योजना के माध्यम से मुरमीकरण कराया गया था। जनसहयोग से भी रास्ते को सुधारने का प्रयास किया गया, लेकिन समय के साथ सड़क फिर खराब स्थिति में पहुंच गई।
स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक प्रभावित
खराब रास्ते का सीधा असर बस्ती के स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बारिश के दौरान बच्चों को कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार उन्हें रास्ते में जूते उतारकर आगे बढ़ना पड़ता है।
बुजुर्गों और मरीजों के लिए भी यह रास्ता परेशानी का कारण बना हुआ है। जरूरत पड़ने पर बस्ती से मुख्य मार्ग तक मरीज को पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
नर्मदा पेयजल लाइन के काम के बाद स्थिति और बिगड़ी
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, नर्मदा पेयजल लाइन बिछाने के दौरान हुई खुदाई के बाद भी रास्ते की स्थिति प्रभावित हुई है। कृषि भूमि और दलदली हिस्सों से गुजरने के कारण बारिश में यहां पानी और कीचड़ जमा हो जाता है।
बस्ती के लोगों की मांग है कि मुख्य मार्ग से मोगिया बस्ती तक पक्की सड़क बनाई जाए, जिससे सालभर आवागमन सुगम हो सके।
मुख्य मार्ग से जोड़ने की जरूरत
ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती लंबे समय से आबाद है और यहां रहने वाले परिवारों के लिए सड़क सबसे जरूरी सुविधाओं में शामिल है। पक्की सड़क बनने से स्कूली बच्चों की आवाजाही, मरीजों को अस्पताल ले जाने और रोजमर्रा के कामों के लिए गांव तक पहुंचने में आसानी होगी।
तन्मय चौहान, विजय राठौड़, महेश भाटी सहित अन्य रहवासियों ने भी सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत की है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान रास्ते पर कीचड़ और दलदल होने से आवागमन मुश्किल हो जाता है। रहवासियों ने बस्ती को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण की आवश्यकता जताई है।
