महाकाल मंदिर के 800 सुरक्षाकर्मियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण, भीड़ प्रबंधन से लेकर व्यवहार तक सिखेंगे गुर
अवंतिका यूनिवर्सिटी में 8 दिन चलेगा प्रशिक्षण, रोजाना 100 सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धालुओं से संवाद, कतार प्रबंधन और दर्शन व्यवस्था की दी जाएगी जानकारी

उज्जैन, 22 सितंबर 2026। श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और सहज दर्शन अनुभव देने के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के प्रशिक्षण की तैयारी की है। मंदिर के 800 सुरक्षाकर्मियों को व्यवहार, संवाद और भीड़ प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह प्रशिक्षण ग्राम लेकोडा स्थित अवंतिका यूनिवर्सिटी, उज्जैन में आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह तथा प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक के निर्देश पर प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है।
श्रद्धालुओं से बेहतर व्यवहार पर रहेगा जोर
प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षाकर्मियों को केवल सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के साथ प्रभावी संवाद और व्यवहार के तरीके भी बताए जाएंगे। इसके तहत सॉफ्ट स्किल, मधुर व्यवहार, सकारात्मक संवाद, भीड़ नियंत्रण और कतार प्रबंधन जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
सुरक्षाकर्मियों को यह भी बताया जाएगा कि दर्शन व्यवस्था के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी किस तरह शांत, स्पष्ट और सहयोगात्मक तरीके से दी जाए। किसी भी स्थिति में संयम बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं की मदद करने के व्यवहारिक तरीके भी प्रशिक्षण का हिस्सा होंगे।
8 दिन में 800 सुरक्षाकर्मी होंगे प्रशिक्षित
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत हर दिन 100 सुरक्षाकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में अगले आठ दिनों में कुल 800 सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण
अवंतिका यूनिवर्सिटी में होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के उपकुलपति नितिन राणा और स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डीन डॉ. प्रोफेसर अजीत उपाध्याय के मार्गदर्शन में आयोजित किया जाएगा।
मंदिर प्रबंध समिति का उद्देश्य प्रशिक्षण के माध्यम से सुरक्षा कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाना है। इससे मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को सहयोगपूर्ण वातावरण में सुगम दर्शन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।



