उज्जैन में शनिचरी अमावस्या के बाद रातभर चला सफाई अभियान, शनि मंदिर-त्रिवेणी घाट हुए स्वच्छ
90 से अधिक सफाई मित्रों ने संभाली जिम्मेदारी, मन्नत में छोड़े गए कपड़े-जूते अलग-अलग एकत्रित; उपयोगी सामग्री जरूरतमंदों को मिलेगी और अनुपयोगी से बनेंगे फाइल कवर व RDF

उज्जैन। शनिचरी अमावस्या पर त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर और घाट क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद नगर निगम ने स्वच्छता व्यवस्था को लेकर विशेष अभियान चलाया। पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए इंतजाम करने के साथ ही आयोजन समाप्त होते ही रात में सफाई शुरू कर दी गई। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर चलाया गया यह अभियान शनिवार रात से रविवार सुबह तक जारी रहा। इसके बाद शनि मंदिर परिसर और त्रिवेणी घाट क्षेत्र को दोबारा साफ-सुथरा किया गया।
इस अभियान में 90 से अधिक सफाई मित्रों ने अलग-अलग शिफ्ट में अपनी जिम्मेदारी निभाई। घाट पर श्रद्धालुओं द्वारा मन्नत के रूप में छोड़े गए कपड़े, जूते-चप्पल और अन्य सामग्री को एकत्रित कर व्यवस्थित तरीके से हटाया गया। निगम का उद्देश्य धार्मिक स्थल की स्वच्छता बनाए रखने के साथ एकत्रित सामग्री का उपयोगी निस्तारण करना भी है।
पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए किए गए इंतजाम
शनिचरी अमावस्या के अवसर पर शनि मंदिर और त्रिवेणी घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नगर निगम ने कई व्यवस्थाएं की थीं। स्नान के लिए फव्वारे, कपड़े बदलने के लिए अलग चेंजिंग रूम, कचरा संग्रहण के लिए बड़े डस्टबिन, पानी के टैंकर और चलित शौचालय उपलब्ध कराए गए।
मन्नत के तौर पर छोड़े जाने वाले कपड़ों और जूते-चप्पलों को इकट्ठा करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई। सफाई व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए 90 से अधिक सफाई मित्रों को अलग-अलग शिफ्ट में तैनात किया गया था। स्वास्थ्य अधिकारियों, स्वच्छता निरीक्षकों और दरोगाओं ने अभियान की निगरानी की, ताकि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को असुविधा न हो और घाट क्षेत्र में स्वच्छता बनी रहे।
श्रद्धालुओं के लौटते ही शुरू हुई रात्रिकालीन सफाई
पर्व संपन्न होने के बाद नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने बिना देर किए विशेष सफाई अभियान शुरू कर दिया। सफाई मित्रों ने मंदिर परिसर और घाट क्षेत्र में छोड़े गए कपड़े, जूते-चप्पल तथा दूसरी सामग्री को अलग-अलग एकत्रित किया।
एकत्रित सामग्री को हटाने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई। इसके बाद डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए सामग्री को ट्रांसफर स्टेशन तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। रातभर चले इस अभियान के बाद रविवार सुबह तक घाट और मंदिर परिसर में सफाई व्यवस्था बहाल कर दी गई।
नगर निगम की इस कार्रवाई का मकसद केवल कचरा हटाना नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता, गरिमा और श्रद्धालुओं की सुविधा को बनाए रखना भी था।
कपड़े और जूते-चप्पलों से तैयार होंगे उपयोगी उत्पाद
शनिचरी अमावस्या के बाद एकत्रित की गई सामग्री का इस्तेमाल उसकी स्थिति के अनुसार किया जाएगा। नगर निगम की योजना के मुताबिक, अनुपयोगी कपड़ों से फाइल कवर तैयार किए जाएंगे, जबकि अनुपयोगी जूते-चप्पलों से RDF यानी रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल बनाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
वहीं, जो कपड़े और जूते-चप्पल दोबारा इस्तेमाल किए जा सकते हैं, उन्हें 3-R केंद्र में रखा जाएगा। यहां से उपयोग योग्य सामग्री जरूरतमंद नागरिकों तक पहुंचाई जाएगी।
इस व्यवस्था के जरिए धार्मिक आयोजनों के बाद निकलने वाली सामग्री को सीधे कचरे के रूप में फेंकने के बजाय उसके पुनः उपयोग और संसाधन के रूप में इस्तेमाल को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल Reduce, Reuse और Recycle यानी कचरा कम करने, दोबारा उपयोग करने और पुनर्चक्रण की अवधारणा से जुड़ी है।
अन्य प्रमुख घाटों पर भी रही विशेष व्यवस्था
शनिचरी अमावस्या और सर्वपितृ अमावस्या जैसे अवसरों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने अन्य प्रमुख घाटों पर भी श्रद्धालुओं की सुविधाओं, पेयजल और साफ-सफाई से संबंधित व्यवस्थाएं कीं। पर्व के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के साथ आयोजन समाप्त होने के बाद सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
नगर निगम की ओर से किए गए इस अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनी रहे। रात से रविवार सुबह तक चले अभियान के बाद शनि मंदिर और त्रिवेणी घाट क्षेत्र को पुनः साफ-सुथरा किया गया।



