उज्जैन दर्शन के लिए अक्टूबर से दौड़ेंगी 20 एसी बसें, मोबाइल एप से होगी बुकिंग
AC Buses in Ujjain: 32 सीटर बसों में लाइव ट्रैकिंग और सीसीटीवी की सुविधा, श्रद्धालुओं को एक दिन के पास से कई प्रमुख मंदिरों के दर्शन की सुविधा

उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अक्टूबर से शहर में एसी दर्शन बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। योजना के तहत 20 एसी बसें संचालित की जाएंगी। इन बसों के जरिए श्रद्धालुओं को शहर के प्रमुख धार्मिक और दर्शनीय स्थलों तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
प्रस्तावित बसें 32 सीटर होंगी और इनमें यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं रहेंगी। बसों में लाइव ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे यात्री मोबाइल के जरिए बस की लोकेशन देख सकेंगे। इससे बस के इंतजार में लगने वाला समय भी कम होगा।
मोबाइल एप से बुक होगा टिकट
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बस सेवा की बुकिंग हेतु मोबाइल एप शुरू किया जाएगा। एप के माध्यम से लिया जाने वाला टिकट सामान्य एकल यात्रा टिकट के बजाय पूरे दिन का पास होगा। इसके जरिए श्रद्धालु उपलब्ध 20 बसों में से किसी भी बस से यात्रा कर सकेंगे।
बसों के भीतर यात्रियों को धार्मिक स्थलों की जानकारी देने के लिए एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएंगी। इन स्क्रीन के माध्यम से संबंधित मंदिरों के धार्मिक और पौराणिक महत्व की जानकारी दी जाएगी।
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की व्यवस्था की जा रही है। लाइव लोकेशन और कैमरों की सुविधा से बस सेवा की निगरानी भी आसान होगी।
इन प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचेगी बस
प्रस्तावित दर्शन बस सेवा के रूट में उज्जैन के कई प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल किए गए हैं। बस सेवा शनि मंदिर से शुरू होकर महाकाल मंदिर, हरसिद्धि मंदिर, रामघाट, भूखी माता मंदिर, ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर, काल भैरव मंदिर, विक्रांत भैरव मंदिर, सिद्धवट घाट, मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर, सांदीपनि आश्रम, इस्कॉन मंदिर और चिंतामण गणेश मंदिर सहित अन्य प्रमुख स्थलों तक श्रद्धालुओं को पहुंचाएगी।
एक दिन के पास से कई जगहों की यात्रा
इस योजना की खासियत यह होगी कि श्रद्धालु एक ही दिन के पास का इस्तेमाल कर अलग-अलग बसों से निर्धारित दर्शन स्थलों तक जा सकेंगे। इससे बाहर से उज्जैन आने वाले यात्रियों को अलग-अलग साधनों की तलाश नहीं करनी पड़ेगी और शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण एक व्यवस्थित सेवा के जरिए किया जा सकेगा।



