सिंहस्थ 2028: उज्जैन में श्रद्धालुओं की भीड़ संभालने की तैयारी, 5 रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे होल्डिंग एरिया
रेलवे की योजना के तहत भीड़ को सीधे उज्जैन स्टेशन पहुंचने से पहले नियंत्रित किया जाएगा; 8 स्टेशनों पर 753 CCTV कैमरों से होगी निगरानी, उज्जैन स्टेशन पर लगेंगे 217 कैमरे

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खासतौर पर उज्जैन रेलवे स्टेशन पर अचानक बढ़ने वाले यात्री दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इसके तहत श्रद्धालुओं को जरूरत के मुताबिक स्टेशन से पहले अलग-अलग स्थानों पर रोका जाएगा और भीड़ नियंत्रित होने पर उन्हें चरणबद्ध तरीके से मुख्य स्टेशन की ओर भेजा जाएगा।
रेलवे की योजना में उज्जैन स्टेशन के माधवनगर, नीलगंगा और इंदौरगेट क्षेत्र के साथ चिंतामन गणेश, पंवासा, पिंगलेश्वर और विक्रमनगर स्टेशनों को भी शामिल किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्लेटफार्म, प्रवेश द्वार और निकास मार्गों पर एक साथ उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करना है।
5 स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था
सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ने की संभावना को देखते हुए रेलवे अलग-अलग स्तर पर भीड़ प्रबंधन की तैयारी कर रहा है।
मुख्य स्टेशन पर दबाव बढ़ने की स्थिति में यात्रियों को निर्धारित होल्डिंग एरिया में रोका जा सकेगा। वहां से परिस्थितियों के अनुसार उन्हें आगे भेजा जाएगा। इससे रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म और प्रवेश-निकास क्षेत्रों में भीड़ का दबाव कम रखने में मदद मिलेगी।
पुराने क्वार्टर हटाकर तैयार किए जा रहे होल्डिंग एरिया
उज्जैन रेलवे स्टेशन के माधवनगर, नीलगंगा और इंदौरगेट क्षेत्र में पुराने रेलवे क्वार्टरों को हटाकर होल्डिंग एरिया विकसित करने की तैयारी शुरू की गई है।
रेलवे इन स्थानों पर केवल यात्रियों को रोकने की व्यवस्था नहीं करेगा, बल्कि आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें पेयजल, वाशरूम, टिकट विंडो और ट्रेनों से जुड़ी यात्री सूचना जैसी सुविधाएं शामिल रहेंगी।
इस तरह स्टेशन पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में यात्रियों को सुविधाओं के साथ कुछ समय के लिए इन क्षेत्रों में रोका जा सकेगा।
उज्जैन स्टेशन पर 217 CCTV कैमरों की निगरानी
सिंहस्थ को देखते हुए रेलवे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है। उज्जैन सहित 8 रेलवे स्टेशनों पर कुल 753 CCTV कैमरे लगाए जाने की योजना है।
इनमें अकेले उज्जैन रेलवे स्टेशन पर 217 कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों के जरिए प्लेटफार्म, प्रवेश और निकास मार्गों सहित भीड़ वाले प्रमुख हिस्सों पर नजर रखी जाएगी।
स्टेशन पर केंद्रीकृत कंट्रोल-कम-सीसीटीवी मॉनिटरिंग रूम भी तैयार किया जाएगा। यहां से अलग-अलग हिस्सों में यात्रियों की स्थिति और भीड़ की निगरानी की जा सकेगी।
यात्री सूचना और अनाउंसमेंट सिस्टम भी होगा मजबूत
सिंहस्थ के दौरान यात्रियों को ट्रेनों और स्टेशन से जुड़ी जानकारी समय पर मिल सके, इसके लिए रेलवे यात्री सूचना प्रणाली और उद्घोषणा व्यवस्था को अपग्रेड कर रहा है।
इसके साथ ही स्टेशन पर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है। इससे निगरानी और सूचना से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
माधवनगर स्टेशन के सौंदर्यीकरण पर भी जोर
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत रेलवे स्टेशन परिसरों को बेहतर रूप देने पर भी काम कर रहा है। माधवनगर रेलवे स्टेशन के भवन पर आकर्षक पेंटिंग तैयार की जा रही है।
रेलवे की तैयारी सिर्फ यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है। स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों को व्यवस्थित और बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सिंहस्थ के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर माहौल मिल सके।
सिंहस्थ में भीड़ नियंत्रण पर रेलवे का फोकस
सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में बड़ा इजाफा होने की संभावना है। ऐसे में रेलवे की होल्डिंग एरिया योजना का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को एक साथ स्टेशन पर पहुंचने से रोकना और भीड़ को चरणबद्ध तरीके से नियंत्रित करना है।
होल्डिंग एरिया, CCTV निगरानी, यात्री सूचना प्रणाली और बेहतर सुविधाओं के जरिए रेलवे सिंहस्थ के दौरान उज्जैन स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।



