उज्जैन में आज से युवा धर्म संसद का आगाज, 24 राज्यों के 1500 युवा करेंगे संवाद
17 से 19 सितंबर तक धर्म, संस्कृति, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर होंगे सत्र; 18 सितंबर को डॉ. मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन, 19 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे समापन

उज्जैन। उज्जैन में आज, 17 सितंबर से तीन दिवसीय युवा धर्म संसद की शुरुआत होगी। 17 से 19 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस आयोजन में देश के 24 राज्यों से करीब 1500 युवा हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान धर्म और संस्कृति के साथ शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, राष्ट्र निर्माण, आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर युवाओं के बीच संवाद होगा।
आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विद्वान, शिक्षाविद, संत, अधिकारी, जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञ युवाओं के साथ अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर संवाद का मंच उपलब्ध कराना है।
आज शाम होगी युवा पंचायत
कार्यक्रम के पहले दिन 17 सितंबर को शाम 5 बजे युवा पंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें मध्य प्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, झारखंड की भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी निशा उरांव, भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बृजेश कुमार और सेवाज्ञ संस्थानम् के कार्यक्रम संयोजक डॉ. श्याम सिंह युवाओं से सीधे संवाद करेंगे।
इस सत्र में युवा अपने सवाल रख सकेंगे और वक्ताओं के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे। प्रसिद्ध मूर्तिकार पद्मश्री अद्वैत चरण गणनायक, सांसद अनिल फिरोजिया और कार्यक्रम संयोजक अंकिता जायसवाल की उपस्थिति भी प्रस्तावित है।
18 सितंबर को डॉ. मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन
युवा धर्म संसद का औपचारिक उद्घाटन 18 सितंबर को सुबह 10 बजे होगा। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। अध्यक्षता सेवाज्ञ संस्थानम् के संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण करेंगे।
नई दिल्ली स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी और सेवाज्ञ संस्थानम् के अध्यक्ष आशीष कुमार आशु भी उद्घाटन सत्र में मौजूद रहेंगे।
धर्म और चारित्रिक जिम्मेदारी पर होगा संवाद
18 सितंबर को दोपहर में ‘धर्म की अस्तित्वपरक अवधारणा एवं चारित्रिक उत्तरदायित्व’ विषय पर व्याख्यान सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, पटकथा लेखक एवं गीतकार मनोज मुंतशिर, प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, अनादि फाउंडेशन की सह-संस्थापिका स्मृति अनंतलक्ष्मी और प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे. नंद कुमार अपने विचार रखेंगे।
शाम 4 बजे ‘निरंकुश संवाद-पद्धति तथा सूचना एवं विचार का संघर्ष’ विषय पर संवाद सत्र होगा। इसमें पुंडरीक गोस्वामी, मां सद्ग्रियानंद, दैनिक जागरण समूह के कार्यकारी संपादक विष्णु प्रकाश त्रिपाठी और आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय युवाओं के साथ चर्चा करेंगे।
19 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे समापन
तीन दिवसीय युवा धर्म संसद का समापन 19 सितंबर को शाम 4 बजे होगा। समापन सत्र में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इससे पहले सुबह 10 बजे ‘ऋषि एवं कृषि संस्कृति के मध्य भारत का आजीविका विचार’ विषय पर सत्र होगा। इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष पद्मभूषण रामबहादुर राय, शिक्षाविद डॉ. इन्दुमति काटदरे, वैज्ञानिक एवं लेखक प्रो. आनंद रंगनाथन और आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण मार्गदर्शन करेंगे।
धर्मस्थलों की भूमिका पर भी चर्चा
19 सितंबर को दोपहर 1:30 बजे ‘मनुष्य-निर्माण में आस्था का महत्व तथा धर्मस्थलों की भूमिका’ विषय पर संवाद आयोजित किया जाएगा। इसमें भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद मिश्र, शिक्षाविद डॉ. बलराम शुक्ल, उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमृत अभिजात और वीर भारत न्यास के सचिव राम तिवारी अपने विचार रखेंगे।
कार्यक्रम में युवा धर्म संसद के संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण, सेवाज्ञ संस्थानम् के राष्ट्रीय सचिव माधव कुमार सहित आयोजन से जुड़े पदाधिकारी और संयोजक भी उपस्थित रहेंगे।



