ताजपुर में किसान का अनोखा प्रयोग, 8 बीघा में उगा रहे ड्रैगन फ्रूट
रायपुर में खेती देखकर विष्णु पाटीदार ने शुरू किया प्रयोग, अब इंदौर सहित आसपास की मंडियों में पहुंच रहा उत्पादन

उज्जैन। खेती में नए प्रयोग अब उज्जैन जिले के किसानों की आय के नए रास्ते खोल रहे हैं। ताजपुर क्षेत्र के किसान विष्णु पाटीदार ने विदेशी फल ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू कर नवाचार किया है। रायपुर में ड्रैगन फ्रूट की खेती देखने के बाद उन्होंने अपने खेत में इसका प्रयोग शुरू किया। शुरुआती सफलता के बाद अब करीब 7 से 8 बीघा क्षेत्र में इसके पौधे लगाए गए हैं।
पाटीदार परिवार के अनुसार ड्रैगन फ्रूट की बिक्री इंदौर सहित आसपास की मंडियों में की जा रही है। खेती से जुड़ी तकनीक और जानकारी जुटाने के लिए परिवार ने सोशल मीडिया का भी सहारा लिया। पौधों की खरीद भी ऑनलाइन माध्यम से की गई।
50 पौधों से शुरू हुआ सफर, बढ़ता गया रकबा
किसान के पुत्र विशाल पाटीदार के मुताबिक शुरुआत में करीब 50 पौधे लगाए गए थे। जब पौधों से उत्पादन और बाजार में इसकी मांग को लेकर सकारात्मक परिणाम मिले, तो खेती का दायरा बढ़ाया गया। इसके बाद 7-8 बीघा जमीन में ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए गए।
स्थानीय सरपंच मांगीलाल मालवीय ने इस प्रयोग को ‘मां की बगिया’ अभियान से जोड़ते हुए कहा कि क्षेत्र में खेती के नए तरीकों को लेकर किसानों की रुचि बढ़ रही है। ड्रैगन फ्रूट की खेती को देखने और इसके बारे में जानकारी लेने के लिए दूसरे क्षेत्रों से भी किसान ताजपुर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों को इस नवाचार के संबंध में उज्जैन जनपद सीईओ संदीप यादव का मार्गदर्शन भी मिल रहा है।
साल में कई बार फल देने की क्षमता, मंडी में 150 रुपए किलो तक भाव
किसान के अनुसार जून में लगाए गए पौधों में अब फल आना शुरू हो गया है। अनुकूल परिस्थितियों में ड्रैगन फ्रूट के पौधों से वर्ष में कई बार उत्पादन लिया जा सकता है। पाटीदार के मुताबिक उत्पादन और बाजार भाव क्षेत्र तथा समय के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। वर्तमान में मंडी में उन्हें ड्रैगन फ्रूट का भाव करीब 150 रुपए प्रति किलो तक मिल रहा है।
ड्रैगन फ्रूट को कई जगह पिटाया, पिटाहया और कमलम नाम से भी जाना जाता है। यह मूल रूप से मैक्सिको तथा मध्य और दक्षिण अमेरिका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों से जुड़ा फल है। अब भारत समेत कई गर्म जलवायु वाले देशों में इसकी व्यावसायिक खेती की जा रही है।
पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है ड्रैगन फ्रूट
ड्रैगन फ्रूट में फाइबर, विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। डॉक्टर अंतरसिंह चौधरी के अनुसार, इसमें मौजूद डाइटरी फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी हो सकता है। उन्होंने बताया कि फल में मौजूद पोषक तत्व संतुलित आहार का हिस्सा बनने में मदद कर सकते हैं।
ड्रैगन फ्रूट में पाए जाने वाले फाइबर और अन्य पोषक तत्वों के कारण इसे स्वास्थ्यवर्धक फलों में शामिल किया जाता है। हालांकि, किसी बीमारी के इलाज या दवा के विकल्प के रूप में इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं किया जाना चाहिए।
ताजपुर में खेती का नया प्रयोग दूसरे किसानों के लिए बना आकर्षण
ड्रैगन फ्रूट की खेती का यह प्रयोग ताजपुर क्षेत्र में किसानों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पारंपरिक फसलों के साथ अलग-अलग फल और कृषि उत्पादों की खेती को लेकर किसान अब नए विकल्प तलाश रहे हैं। पाटीदार परिवार का यह प्रयोग स्थानीय किसानों को भी नई फसल की संभावनाओं को समझने का अवसर दे रहा है।



