उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में आरिफ मसूद की एंट्री, कलेक्टर-एसपी से मिले; मीनार गिरने की जांच की मांग
भोपाल के कांग्रेस विधायक ने स्थानीय पार्टी नेताओं की गैरमौजूदगी पर जताई नाराजगी, पथराव के बाद शांति और संयम की अपील

उज्जैन। शाही मस्जिद विवाद के बीच भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद शनिवार को उज्जैन पहुंचे। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा से मुलाकात कर मस्जिद की मीनार गिरने की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। मसूद ने कहा कि मस्जिद के प्रभावित हिस्से को लेकर हुई कार्रवाई और मीनार गिरने की परिस्थितियों की जांच जरूरी है।
मीनार गिरने पर उठाया सवाल
प्रशासन से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में आरिफ मसूद ने कहा कि मस्जिद के नीचे दुकानों का हिस्सा था और ऊपर के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया चल रही थी। ऐसे में मीनार अचानक कैसे गिरी, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन के सामने भी यही मांग रखी।
मसूद के मुताबिक, मीनार गिरने से मस्जिद के जिस हिस्से को नुकसान पहुंचा है, उसकी जांच के साथ उसे ठीक कराने की दिशा में भी काम होना चाहिए। कुछ रिपोर्टों के अनुसार प्रशासन की ओर से प्रभावित हिस्से के पुनर्निर्माण को लेकर आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है।
पथराव की घटना पर शांति की अपील
शाही मस्जिद विवाद के दौरान हुई पथराव की घटना को लेकर भी मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे गलत बताते हुए युवाओं से संयम बरतने और शहर काजी से संवाद करने की अपील की। उनका कहना था कि गलतफहमी और संवाद की कमी के कारण स्थिति बिगड़ी।
मसूद ने मुस्लिम समाज और स्थानीय प्रतिनिधियों से भी आरोप-प्रत्यारोप से बचने तथा शांतिपूर्ण तरीके से मामले को आगे बढ़ाने की अपील की। इससे पहले भी वह उज्जैन में विवाद के दौरान बातचीत के जरिए समाधान निकालने और शांति बनाए रखने की बात कह चुके हैं।
स्थानीय कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी पर नाराजगी
आरिफ मसूद की उज्जैन यात्रा के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण मामले में स्थानीय पार्टी नेताओं को सक्रिय होना चाहिए था। मसूद ने संकेत दिया कि वह इस मामले को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के सामने भी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि वह भोपाल से उज्जैन पहुंचे हैं, ऐसे में स्थानीय स्तर पर पार्टी के जिम्मेदार नेताओं की भूमिका को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
विवाद के बीच बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
शाही मस्जिद का मामला सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण से जुड़े प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान विवाद में आया था। 28 सितंबर को मौके पर पथराव और पुलिस की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी थी। इसके बाद सुरक्षा बढ़ाई गई और प्रशासन ने हालात पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल के साथ निगरानी व्यवस्था भी बढ़ाई।
मीनार गिरने की घटना के बाद अब आरिफ मसूद की जांच की मांग से मामले में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। हालांकि, मीनार गिरने की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।



