उज्जैन आ सकते हैं राहुल गांधी, कार्यकर्ताओं से करेंगे संवाद; संगठन सृजन अभियान की लेंगे जानकारी
इंदौर और बालाघाट दौरे के बाद उज्जैन पर नजर, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर में प्रस्तावित बताया जा रहा दौरा

उज्जैन। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियों के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उज्जैन दौरे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल गांधी अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर में उज्जैन आ सकते हैं। हालांकि, दौरे की अंतिम तारीख और कार्यक्रम को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
प्रस्तावित दौरे में राहुल गांधी का फोकस कांग्रेस के जमीनी संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद पर रहने की संभावना है। बताया जा रहा है कि वे ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के साथ संगठन सृजन अभियान की प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं।
ब्लॉक-मंडल अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने की चर्चा
उज्जैन दौरे के दौरान राहुल गांधी कांग्रेस के ब्लॉक और मंडल स्तर के पदाधिकारियों से सीधे संवाद कर सकते हैं। पार्टी संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी लेने के साथ वे कार्यकर्ताओं से स्थानीय स्तर की राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों पर भी चर्चा कर सकते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित कार्यक्रम में उज्जैन संभाग के साथ आसपास के जिलों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संवाद की योजना है। इसमें रतलाम, शाजापुर, देवास, आगर मालवा, मंदसौर और नीमच के कार्यकर्ता भी शामिल हो सकते हैं।
इंदौर के बाद बालाघाट पहुंचे थे राहुल गांधी
उज्जैन की चर्चा से पहले राहुल गांधी मध्यप्रदेश में अलग-अलग वर्गों के बीच संवाद कार्यक्रमों में नजर आए हैं। 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर संवाद किया था।
इसके बाद बालाघाट के जगला गांव में उन्होंने आदिवासी परिवारों से मुलाकात की। वहां स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर उन्होंने अपनी बात रखी और प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं। राहुल गांधी ने इन मुद्दों को संसद में उठाने की बात भी कही थी।
2028 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन पर फोकस
मध्यप्रदेश में वर्ष 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस की ओर से संगठन को बूथ और जमीनी स्तर तक मजबूत करने की कवायद जारी है। राहुल गांधी का संभावित उज्जैन दौरा इसी संगठनात्मक गतिविधि से जोड़कर देखा जा रहा है।
यदि दौरा तय होता है तो उज्जैन में उनका कार्यक्रम केवल सार्वजनिक सभा तक सीमित रहने के बजाय पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के पदाधिकारियों के साथ संवाद पर केंद्रित रह सकता है। प्रस्तावित कार्यक्रम में संगठन सृजन अभियान की प्रगति की समीक्षा भी अहम हिस्सा बताई जा रही है।
मालवा क्षेत्र में बढ़ेगी राजनीतिक सक्रियता
राहुल गांधी के संभावित उज्जैन दौरे को मध्यप्रदेश कांग्रेस की आगामी संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उज्जैन मालवा क्षेत्र का प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक केंद्र है। ऐसे में यहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक को संगठन की जमीनी स्थिति समझने की कवायद के तौर पर देखा जा सकता है।
फिलहाल राहुल गांधी के उज्जैन दौरे की तारीख आधिकारिक रूप से तय होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर अंतिम कार्यक्रम सामने आने का इंतजार रहेगा।



