उज्जैन में रागदारी संगीत समारोह: मोहन वीणा, सात्विक वीणा और तबले की जुगलबंदी ने मोहा मन
गुरु डीके वाहने के जन्मदिवस पर सजी सुरों की महफिल, पं. विश्व मोहन भट्ट, पं. सलील भट्ट और यशवंत वैष्णव की प्रस्तुतियों को मिली खूब सराहना

उज्जैन। भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को समर्पित रागदारी संगीत समारोह में गुरुवार शाम संगीत प्रेमियों को यादगार प्रस्तुतियों का आनंद लेने का अवसर मिला। रागदारी संगीत संस्थान द्वारा गुरु डीके वाहने के जन्मदिवस के अवसर पर भरतपुरी स्थित सामाजिक शोध संस्थान सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से वातावरण को संगीतमय बना दिया।
समारोह का मुख्य आकर्षण ग्रैमी अवार्ड विजेता एवं पद्मभूषण पं. विश्व मोहन भट्ट और उनके पुत्र पं. सलील भट्ट की प्रस्तुति रही। दोनों कलाकारों ने क्रमशः मोहन वीणा और सात्विक वीणा पर राग विश्वरंजनी की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम की शुरुआत की। आलाप, जोड़, झाला और तीनताल की विविध गतों में उनकी लयकारी और सुरों की साधना ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर राग देस में प्रस्तुत ‘वंदे मातरम्’ की धुन ने सभागार को देशभक्ति के भाव से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में मुंबई से आए प्रसिद्ध तबला वादक यशवंत वैष्णव ने अपने एकल तबला वादन से शास्त्रीय संगीत प्रेमियों की भरपूर वाहवाही बटोरी। उनकी प्रस्तुति ने ताल और लय के अद्भुत सामंजस्य का परिचय दिया।
समारोह का शुभारंभ वरिष्ठ तबला वादक पं. उमाशंकर भट्ट एवं संगीतज्ञ पं. श्रीधर व्यास ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद रागदारी संगीत संस्थान के विद्यार्थियों ने राग शिवरंजनी में वृंदवादन, सितार वादन तथा सितार-संतूर की जुगलबंदी प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शैफाली चतुर्वेदी ने किया, जबकि संस्थान की अध्यक्ष संस्कृति वाहने एवं सचिव प्रकृति वाहने ने सभी कलाकारों, अतिथियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।



