महाकाल लोक के बाद उज्जैन में आस्था का नया रिकॉर्ड, तीन वर्षों में 20.92 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे
दान, लड्डू प्रसाद और गुप्त अर्पण से मंदिर की आय 472 करोड़ रुपये के पार, सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर सुविधाओं का हो रहा विस्तार

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर और महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले तीन वर्षों में मंदिर में दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या 20.92 करोड़ तक पहुंच गई है। बढ़ती आस्था के साथ मंदिर समिति की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और मंदिर की कुल वित्तीय निधि 472 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है।
मंदिर प्रबंधन के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 से 2025 के बीच श्रद्धालुओं ने दान, लड्डू महाप्रसाद की खरीद और अन्य माध्यमों से रिकॉर्ड योगदान दिया। इस अवधि में मंदिर समिति को लगभग 356.17 करोड़ रुपये की आय हुई, जिसमें 175.70 करोड़ रुपये दान तथा 180.77 करोड़ रुपये लड्डू महाप्रसाद की बिक्री से प्राप्त हुए।
हर वर्ष बढ़ती रही श्रद्धालुओं की संख्या
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में लगभग 5.30 करोड़, वर्ष 2024 में 7.20 करोड़ और वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 8.42 करोड़ श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे। केवल दो वर्षों में श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 63 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
दान पेटियां और डिजिटल दान दोनों में बढ़ोतरी
मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं ने सबसे अधिक राशि दान पेटियों में अर्पित की। तीन वर्षों में दान पेटियों से 148.68 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। वहीं नगद काउंटर, ऑनलाइन दान, अन्नक्षेत्र सहयोग और मनीऑर्डर के माध्यम से भी करोड़ों रुपये का योगदान मिला। पहली बार गुप्त दान के रूप में भी लगभग 4.65 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
महाप्रसाद की बढ़ी मांग
महाकाल मंदिर के देसी घी से तैयार लड्डू महाप्रसाद की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023 में जहां प्रसाद बिक्री से लगभग 55 करोड़ रुपये की आय हुई थी, वहीं वर्ष 2025 तक यह बढ़कर करीब 65 करोड़ रुपये पहुंच गई।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर होगा खर्च
मंदिर समिति का कहना है कि प्राप्त राशि का उपयोग मंदिर परिसर के विस्तार, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के आधुनिकीकरण और आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में किया जा रहा है। इसके साथ ही इंदौर-उज्जैन मार्ग पर लगभग 2200 कमरों वाले आधुनिक भक्त निवास का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में श्रद्धालुओं को बेहतर आवास सुविधा मिल सकेगी।



