बड़नगर कार स्टंट मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई, सरकार ने कहा- विस्फोट नहीं, पटाखों की आतिशबाजी थी
मुहर्रम जुलूस में क्रेन से लटकाई गई कार के मामले में एनआईए जांच की मांग पर फिलहाल राहत नहीं; एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार, अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद

उज्जैन। बड़नगर में मुहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से हवा में लटकाई गई कार में हुई आतिशबाजी के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि घटना के दौरान किसी प्रकार का विस्फोट नहीं हुआ था, बल्कि कार के भीतर केवल पटाखों की आतिशबाजी की गई थी। सरकार के इस पक्ष के बाद अदालत ने फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग स्वीकार नहीं की।
यह मामला 23 जून को बड़नगर में निकले मुहर्रम जुलूस से जुड़ा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए गए थे। इसी को आधार बनाकर हिंदू जागरण मंच की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी।
सरकार ने कोर्ट में रखा अपना पक्ष
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि कार से मिले साक्ष्यों को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा गया है और रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। जांच में गिरफ्तार आरोपियों ने बयान दिया कि दो अखाड़ों के बीच प्रदर्शन की प्रतिस्पर्धा के चलते कार में सीमित मात्रा में पटाखे रखकर जलाए गए थे। उस समय वाहन में दो लोग भी मौजूद थे, जिन्हें कोई चोट नहीं आई।
सरकार का कहना था कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह घटना विस्फोट की नहीं बल्कि आतिशबाजी की प्रतीत होती है, इसलिए फिलहाल एनआईए जांच की आवश्यकता नहीं बनती।
जनहित याचिका में उठाए गए थे गंभीर सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया था कि सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार का प्रदर्शन सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर मामला है और इसकी जांच राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी से कराई जानी चाहिए। साथ ही भविष्य में धार्मिक जुलूसों के दौरान ऐसे खतरनाक प्रदर्शनों को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई।
एफएसएल रिपोर्ट के बाद आगे बढ़ेगी सुनवाई
हाईकोर्ट ने कहा कि फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट अभी लंबित है। मामले के अन्य पहलुओं पर राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा गया है। अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। अब अगली सुनवाई निर्धारित अवधि के बाद होगी।
बिना अनुमति किया गया था स्टंट
पुलिस के अनुसार मुहर्रम जुलूस निकालने की अनुमति दी गई थी, लेकिन क्रेन से कार को हवा में लटकाकर प्रदर्शन करने या उसमें पटाखों की आतिशबाजी करने की अनुमति नहीं ली गई थी। प्रशासन का मानना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में इस प्रकार का प्रदर्शन सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता था।



