सिंहस्थ की राह में आश्रम ने बढ़ाया सहयोग का हाथ, 4 हजार वर्गफीट जमीन सड़क चौड़ीकरण के लिए दी

जयसिंहपुरा में 60 फीट चौड़ी सड़क के निर्माण की तैयारी, आश्रम प्रबंधन ने खुद हटवाया पक्का निर्माण; जेसीबी पहुंचने पर संत ने किया पूजन

उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम लगातार आगे बढ़ रहा है। जयसिंहपुरा क्षेत्र में प्रस्तावित मार्ग के लिए श्री अभिराम आश्रम ने अपनी करीब 4 हजार वर्गफीट जमीन स्वेच्छा से प्रशासन को उपलब्ध कराई है। आश्रम प्रबंधन ने जमीन पर मौजूद पक्के निर्माण को भी अपने स्तर पर हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

मंगलवार को जब निर्माण हटाने के लिए जेसीबी आश्रम परिसर पहुंची तो आश्रम के संस्थापक आचार्य आशुतोष ने जेसीबी का पूजन कर चालक को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान निर्माण हटाने में जुटे कर्मचारी और अन्य लोग भी मौजूद रहे।

60 फीट चौड़ा होगा नया मार्ग

जयसिंहपुरा अंडरपास से नूतन स्कूल होते हुए चारधाम पार्किंग तक सड़क चौड़ीकरण की योजना है। प्रस्तावित मार्ग की चौड़ाई करीब 60 फीट यानी 18 मीटर रखी जा रही है। सड़क का निर्माण सीसी रोड के रूप में किया जाना है।

इस मार्ग के तैयार होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ त्रिवेणी घाट की ओर कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इसी प्रस्तावित सड़क की जद में श्री अभिराम आश्रम की जमीन का हिस्सा भी आ रहा था।

जेसीबी का पूजन कर चालक का किया सम्मान

निर्माण हटाने के लिए मंगलवार को आश्रम पहुंची जेसीबी को देखकर आचार्य आशुतोष ने अलग अंदाज में सहयोग का संदेश दिया। उन्होंने जेसीबी का पूजन किया और चालक को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया।

आश्रम की ओर से पक्का निर्माण हटाने का काम भी अपने स्तर पर कराया जा रहा है, जिससे सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

‘शहर के विकास में आश्रम भी सहभागी’

आचार्य आशुतोष ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जा रहे हैं। आश्रम की ओर से भी शहर के विकास में सहयोग के उद्देश्य से जमीन उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने विकास कार्यों के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।

नगर निगम के कार्यपालन यंत्री राहुल चौहान के अनुसार, आश्रम प्रबंधन ने करीब 4 हजार वर्गफीट जमीन स्वेच्छा से उपलब्ध कराई है। साथ ही वहां मौजूद पक्के निर्माण को भी आश्रम प्रबंधन द्वारा अपने स्तर पर हटाया जा रहा है।

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