गया कोटा तीर्थ पर पितृपक्ष में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं, महापौर ने किया निरीक्षण
कुंड में साफ पानी, सफाई, टेंट, पेयजल टैंकर और चलित शौचालय की व्यवस्था के निर्देश

उज्जैन। पितृपक्ष के दौरान पितरों के तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए गया कोटा तीर्थ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शुक्रवार को महापौर मुकेश टटवाल ने गया कोटा तीर्थ पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस वर्ष पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस अवधि में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए विभिन्न तीर्थ स्थलों पर पहुंचते हैं। गया कोटा तीर्थ पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम की ओर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
साफ-सफाई और पेयजल पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान महापौर ने गया कोटा तीर्थ के कुंड में स्वच्छ पानी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पूरे परिसर में नियमित साफ-सफाई कराने और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
श्रद्धालुओं के ठहराव और सुविधा को देखते हुए स्थल पर टेंट एवं शामियाने लगाने की व्यवस्था की जाएगी। पेयजल की उपलब्धता के लिए पानी के टैंकर भी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चलित शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
पितृपक्ष के दौरान बढ़ेगी श्रद्धालुओं की आवाजाही
पितृपक्ष के दौरान गया कोटा तीर्थ पर तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। ऐसे में नगर निगम द्वारा पहले से ही आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की तैयारी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठान के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य प्रकाश शर्मा, कैलाश प्रजापत, पार्षद दिलीप परमार, जोनल अधिकारी श्याम सुंदर शर्मा और सहायक यंत्री दिलीप नौधने सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



