सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में तेजी, अंडरपास और एमआर-4 सड़क निर्माण का संभागायुक्त ने लिया जायजा
चिंतामन गणेश मार्ग पर अंडरपास और एमआर-4 सड़क के काम का निरीक्षण, अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय में निर्माण पूरा करने के निर्देश

उज्जैन, 10 अक्टूबर। सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन में सड़क और यातायात से जुड़े निर्माण कार्यों की निगरानी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में शनिवार को संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कार्यों की प्रगति, सड़क के अलाइनमेंट और प्रस्तावित जंक्शन की डिजाइन की जानकारी लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।
चिंतामन गणेश मार्ग पर अंडरपास का निरीक्षण
अधिकारियों ने जयसिंहपुरा-चिंतामन गणेश मार्ग पर ज्ञानसागर अकादमी के समीप बन रहे अंडरपास का जायजा लिया। इस दौरान सड़क के अलाइनमेंट और निर्माण की स्थिति की समीक्षा की गई। संभागायुक्त आशीष सिंह ने मौके पर मौजूद इंजीनियरों से काम की प्रगति की जानकारी ली और निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा का पालन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों से समझौता नहीं होना चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारी कार्यस्थल पर निगरानी बनाए रखें और प्रगति की नियमित समीक्षा करें।
एमआर-4 सड़क और जंक्शन की डिजाइन देखी
निरीक्षण के अगले चरण में संभागायुक्त और कलेक्टर ने गाड़ी अड्डा से ढांचा भवन होते हुए एमआर-5 मार्ग से जुड़ने वाली एमआर-4 सड़क के निर्माण कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों ने एमआर-4 और एसआर-1 के मिलान बिंदु पर प्रस्तावित चौराहे यानी जंक्शन की डिजाइन का भी निरीक्षण किया।
संभागायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी की जाए। अधिकारी मौके पर पहुंचकर काम की स्थिति का आकलन करें, ताकि किसी भी तरह की देरी या गुणवत्ता संबंधी कमी को समय रहते दूर किया जा सके।
सिंहस्थ में सुगम आवाजाही पर जोर
सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सड़क निर्माण और यातायात से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय रहते बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
संभागायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंहस्थ से जुड़े निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। साथ ही, निर्माण की गुणवत्ता और कार्यों की प्रगति पर नियमित नजर रखी जाए, ताकि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सके।



