काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
दिल्ली में छात्रों से कथित मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी पर चर्चा नहीं मिलने से हंगामा; सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित

भोपाल, 22 जुलाई 2026। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन के अंदर और बाहर राजनीतिक माहौल गरम रहा। कांग्रेस विधायक हाथों पर काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट तथा कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध किया। विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा कराने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से अनुमति नहीं मिलने पर विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक
कांग्रेस विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। तख्तियों पर पेपर लीक, छात्रों के भविष्य और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से जुड़ी मांगें लिखी थीं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं पर सरकार गंभीरता से चर्चा कराने से बच रही है।
सत्ता पक्ष ने कांग्रेस के प्रदर्शन को राजनीतिक प्रचार और मीडिया में सुर्खियां हासिल करने की कोशिश बताया। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि दिल्ली की घटना मध्य प्रदेश के अधिकार क्षेत्र से बाहर की है, इसलिए राज्य विधानसभा में इस पर चर्चा नहीं कराई जा सकती। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई।
प्रश्नकाल में कई मुद्दों पर सरकार से मांगे जवाब
प्रश्नकाल के दौरान विधायकों ने सरकारी कर्मचारियों की ई-अटेंडेंस, आदिवासियों की जमीन, किसानों के लंबित मुआवजे, केन-बेतवा परियोजना, भोपाल सिटी लिंक की पेनल्टी और वसीयत के आधार पर नामांतरण सहित कई विषय उठाए। विपक्ष ने किसानों और विस्थापित परिवारों से जुड़े मामलों पर सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
चंबल सिंचाई परियोजना पर भ्रष्टाचार का आरोप
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 167 करोड़ रुपये की परियोजना पर राशि खर्च होने के बावजूद कई किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचा।
मंत्री कृष्णा गौर ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि परियोजना पूरी हो चुकी है और इसके माध्यम से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। विधानसभा अध्यक्ष ने परियोजना का निरीक्षण कराने और सामने आने वाली कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन विधेयक पारित
हंगामे और राजनीतिक नोकझोंक के बीच विधानसभा में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन विधेयक भी पारित किया गया। इसके अतिरिक्त सदन में विभिन्न विभागों और विकास परियोजनाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।


