सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश, 20 हजार करोड़ के 175 निर्माण कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवंबर तक लंबित स्वीकृतियां पूरी करने को कहा। घाटों तक पहुंचने के रास्ते, पेयजल, सीवरेज, पार्किंग और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था पर रहेगा विशेष जोर।

उज्जैन, 19 अक्टूबर 2026। सिंहस्थ महापर्व-2028 को लेकर उज्जैन में चल रहे विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि सिंहस्थ से जुड़े सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। जिन परियोजनाओं की स्वीकृतियां अभी बाकी हैं, उन्हें नवंबर 2026 तक प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ मेला कार्यालय, कलेक्ट्रेट और सिंहस्थ सेल में जरूरी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अपने स्तर पर अलग अमला नियुक्त करें, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी न हो।
श्रद्धालुओं के आवागमन और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने यातायात, पार्किंग, ठहरने और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पहले से योजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों के विकास को प्राथमिकता देने तथा पंचक्रोशी यात्रा मार्ग पर प्रस्तावित डोम का निर्माण योजना के अनुसार करने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं के सुचारु आवागमन के लिए पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने को भी कहा गया, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों की व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप दिया जा सके।
स्कूल-कॉलेजों में ठहरने की व्यवस्था की जाएगी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ के दौरान अतिरिक्त आवासीय सुविधाओं की जरूरत को ध्यान में रखते हुए आसपास के स्कूलों और कॉलेजों को चिह्नित किया जाए। इन स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार शौचालय, पेयजल, मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्गों पर स्थित सांदीपनि विद्यालयों के उपयोग की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा गया।
इसके अलावा घट्टिया, तराना और आसपास के क्षेत्रों में टेंट सिटी तथा होल्डिंग एरिया विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। किसानों और सामाजिक संस्थाओं को टेंट सिटी बनाने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ होम स्टे और अन्य ठहरने के विकल्पों का विस्तार करने पर भी जोर दिया गया।
शहर के आंतरिक हिस्सों और मेला क्षेत्र में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता तथा सीवरेज व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए पर्यटन और पुलिस विभाग को मिलकर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अलग सिंहस्थ डिवीजन स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित व्यापारियों के लिए बनेगा वैकल्पिक बाजार
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन परियोजनाओं के दौरान स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को होने वाली परेशानी कम करने के प्रयास किए जाएं। जिन दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है, उनके पुनर्वास के लिए उपयुक्त स्थानों पर वैकल्पिक बाजार विकसित करने की योजना बनाई जाए।
बैठक में बर्तन बाजार और सोना-चांदी के कारोबार से जुड़े व्यापारियों के लिए विशेष रूप से व्यवस्था करने पर चर्चा हुई। नजर अली मिल क्षेत्र, कवेलू कारखाना क्षेत्र या आसपास के उपयुक्त स्थानों पर विक्रम क्लॉथ मार्केट की तर्ज पर नया बाजार विकसित करने की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन दुकानदारों के पास कोई वैकल्पिक व्यावसायिक स्थान नहीं है, उन्हें व्यवस्थित बाजार में जगह उपलब्ध कराने की कार्ययोजना तैयार की जाए। सड़क चौड़ीकरण के कार्यों में तेजी लाने के लिए अलग-अलग टीमें तैनात करने के निर्देश भी दिए गए।
175 निर्माण कार्यों पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये खर्च
समीक्षा बैठक में संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, सिंहस्थ-2028 से संबंधित कुल 175 निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं। इनकी अनुमानित लागत लगभग 20 हजार करोड़ रुपये बताई गई।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इन परियोजनाओं को अलग-अलग चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- दिसंबर 2026 तक: 51 निर्माण कार्य
- जनवरी से मार्च 2027 तक: 36 निर्माण कार्य
- अप्रैल से जून 2027 तक: 61 निर्माण कार्य
- जुलाई से अक्टूबर 2027 तक: 23 निर्माण कार्य
बैठक में बताया गया कि मेला क्षेत्र के स्थायी निर्माण कार्यों के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि काम पूरा होने के बाद संबंधित सुविधाओं को आमजन के उपयोग के लिए जल्द उपलब्ध कराया जाए।
विभागों के बीच समन्वय के साथ काम करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन, शहर की आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयारियां समय पर पूरी की जाएं।
बैठक में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, विधायक सतीश मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल, सिंहस्थ प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी, नगर निगम सभापति कलावती यादव, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन, नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।



