गुरुओं का सम्मान और कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी: विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा
पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय माधव महाविद्यालय के दीक्षारंभ समारोह में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को सफलता, अनुशासन और गुरु सम्मान का संदेश दिया गया।

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय माधव महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित दीक्षारंभ समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें अनुशासन, मेहनत और गुरुजनों के सम्मान का महत्व बताया।
विधायक कालूहेड़ा ने कहा कि शासकीय माधव महाविद्यालय प्रदेश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल है और यहां अध्ययन का अवसर मिलना विद्यार्थियों के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर मेहनत, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को उसके लक्ष्य तक पहुंचाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि गुरु जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा होते हैं। जो विद्यार्थी अपने गुरुजनों का सम्मान करता है, वही जीवन में आगे बढ़कर सफलता प्राप्त करता है। उन्होंने छात्रों से महाविद्यालय की गरिमा बनाए रखने और अपने ज्ञान व प्रतिभा से संस्थान का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में विधायक ने भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना महामारी के दौरान स्वदेशी वैक्सीन विकसित कर पूरी दुनिया के सामने अपनी क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि माधव महाविद्यालय के विद्यार्थी भी भविष्य में देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
विद्यार्थियों को दी गई विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अल्पना उपाध्याय द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. कल्पना वीरेंद्र सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए उच्च शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और महाविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी।
दीक्षारंभ समारोह में विद्यार्थियों को परीक्षा प्रणाली, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, आवास सहायता योजना, एंटी रैगिंग व्यवस्था और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विषयों पर विशेषज्ञ प्राध्यापकों ने विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में सरस्वती वंदना डॉ. नलिनी तिलकर ने प्रस्तुत की। संचालन डॉ. रीना अधर्व्यू ने किया तथा आभार डॉ. बी.एस. अखंड ने माना।
इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक, एनसीसी एवं एनएसएस अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।



