नियमित टीकाकरण में उज्जैन प्रदेश में दूसरे स्थान पर, पांच माह में 109% कवरेज
दस्तक अभियान में घर-घर पहुंचीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें, छूटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं का किया फॉलोअप

उज्जैन, 28 सितंबर 2026। नियमित टीकाकरण अभियान में उज्जैन जिले ने प्रदेश स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच जिले में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 109 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज दर्ज किया गया। स्वास्थ्य विभाग के नियमित प्रयासों के साथ दस्तक अभियान के दौरान किए गए फॉलोअप से भी इस उपलब्धि को मजबूती मिली।
टीकाकरण के माध्यम से बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाव मिलता है। खासतौर पर शुरुआती उम्र में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होने के कारण समय पर वैक्सीन लगना महत्वपूर्ण माना जाता है। टीकाकरण से खसरा, पोलियो, डिप्थीरिया, काली खांसी और टिटनेस जैसी बीमारियों से सुरक्षा में मदद मिलती है।
दस्तक अभियान में घर-घर पहुंची स्वास्थ्य टीम
जिले में दस्तक अभियान 18 अगस्त तक संचालित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। साथ ही बच्चों के टीकाकरण रिकॉर्ड की भी जांच की गई।
अभियान के दौरान ऐसे बच्चों की पहचान की गई, जिनका निर्धारित टीकाकरण किसी कारण से छूट गया था या जो नियमित टीकाकरण की प्रक्रिया से बाहर रह गए थे। स्वास्थ्यकर्मियों ने इन बच्चों का फॉलोअप कर उन्हें आवश्यक टीके लगवाए।
मैदानी स्तर पर काम करने वाली टीमों ने मंगलवार और गुरुवार को आयोजित होने वाले नियमित टीकाकरण सत्रों के लिए भी पात्र बच्चों और अन्य हितग्राहियों की पहचान की। इससे टीकाकरण से छूटे लोगों तक दोबारा पहुंचने में मदद मिली।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रवींद्रकुमार पाल के अनुसार, विभाग का प्रयास है कि जिले में कोई भी पात्र बच्चा या गर्भवती महिला आवश्यक टीकाकरण से वंचित न रहे।



