उज्जैन में महाकाल महालोक की बदलेगी भव्य तस्वीर, स्थापित होंगी 92 प्रतिमाएं

35 पत्थर और 57 मेटल प्रतिमाओं का निर्माण जारी; संभागायुक्त और कलेक्टर ने कार्यशाला, सड़क व शिप्रा ब्रिज का किया निरीक्षण

उज्जैन, 25 सितंबर। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर उज्जैन में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में श्री महाकालेश्वर महालोक में स्थापित होने वाली प्रतिमाओं के निर्माण कार्य का शुक्रवार को संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रतिमा निर्माण के साथ डी मार्ट के सामने बन रही नई सड़क और शिप्रा नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज की प्रगति भी देखी।

महाकाल महालोक में लगेंगी 92 प्रतिमाएं

विक्रम नगर मार्ग स्थित प्रतिमा निर्माण कार्यशाला में अधिकारियों को बताया गया कि महाकाल महालोक के लिए कुल 92 प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। इनमें 35 प्रतिमाएं पत्थर की और 57 मेटल की होंगी।

प्रतिमाओं को पुराणों में वर्णित स्वरूप और उपलब्ध ऐतिहासिक-सांस्कृतिक साक्ष्यों के आधार पर तैयार किया जा रहा है। निर्माण से पहले संबंधित देव स्वरूप का स्केच विशेषज्ञ समिति के समक्ष प्रस्तुत कर अनुमोदन लिया जाता है। स्वीकृति के बाद उसी डिजाइन के आधार पर प्रतिमा को अंतिम रूप दिया जाता है।

प्रतिमाओं का निर्माण केवल उज्जैन में ही नहीं, बल्कि ग्वालियर और जयपुर में भी किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने कारीगरों से उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली और कार्यशाला में शेड, पेयजल सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

900 मीटर लंबी नई सड़क का भी निरीक्षण

इसके बाद अधिकारियों ने डी मार्ट के सामने निर्माणाधीन नई सड़क का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि सड़क की लंबाई करीब 900 मीटर और चौड़ाई 18 मीटर है।

संभागायुक्त ने बारिश का दौर कम होने के बाद बचे हुए निर्माण कार्य को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क की गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था करने को कहा, ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या न हो।

शिप्रा ब्रिज के काम में तेजी लाने के निर्देश

संभागायुक्त और कलेक्टर ने शिप्रा नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने निर्माण की वर्तमान स्थिति और प्रगति की जानकारी दी। संभागायुक्त ने वर्षा के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय के अनुसार काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए शहर में चल रहे विकास और निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा करना प्राथमिकता है।

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