उज्जैन में महाकाल मंदिर मार्ग चौड़ीकरण की कार्रवाई शुरू, स्टे हटते ही दुकानों पर चला निगम का अमला
गेट नंबर-1 से महाकाल चौराहे तक 14 मीटर सड़क का प्रस्ताव, व्यापारियों ने पर्याप्त समय नहीं देने का लगाया आरोप

उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है। हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद बुधवार को निगम की टीम प्रस्तावित मार्ग पर पहुंची और प्रभावित दुकानदारों व होटल संचालकों से परिसर खाली करने को कहा। इसके बाद इलाके में कार्रवाई शुरू होने से व्यापारियों में नाराजगी देखी गई।
यह सड़क महाकालेश्वर मंदिर के गेट नंबर-1 से महाकाल चौराहे तक प्रस्तावित है। योजना के तहत मार्ग को करीब 14 मीटर चौड़ा किया जाना है, जबकि फिलहाल इसकी चौड़ाई लगभग 12 मीटर बताई जा रही है।
दुकानदारों ने कार्रवाई पर जताई आपत्ति
नगर निगम की टीम के पहुंचने के बाद कई दुकानदारों और होटल संचालकों ने कार्रवाई के तरीके को लेकर आपत्ति जताई। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें दुकानें और होटल खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
व्यापारियों के मुताबिक, मंगलवार शाम को ही संबंधित क्षेत्र में मार्किंग की गई थी। इसके अगले दिन सुबह निगम का अमला जेसीबी के साथ मौके पर पहुंच गया और निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
बिना पूर्व सूचना जेसीबी लाने का आरोप
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की टीम बिना पर्याप्त पूर्व सूचना के तोड़फोड़ के लिए पहुंची। व्यापारियों का कहना है कि यदि उन्हें पहले से समय दिया जाता तो वे अपना सामान व्यवस्थित तरीके से हटा सकते थे और नुकसान से बचने की कोशिश कर सकते थे।
वहीं, सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई को लेकर प्रशासन और नगर निगम का फोकस महाकाल मंदिर क्षेत्र में यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने पर है। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत विभिन्न मार्गों के चौड़ीकरण का काम भी चल रहा है। महाकाल क्षेत्र में पहले भी बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है।
स्टे हटने के बाद आगे बढ़ी कार्रवाई
महाकाल मंदिर मार्ग के इस हिस्से को लेकर न्यायिक प्रक्रिया के चलते कार्रवाई रुकी हुई थी। अब स्टे हटने के बाद नगर निगम ने मौके पर कार्रवाई आगे बढ़ाई है। हालांकि, व्यापारियों की ओर से पर्याप्त समय और पूर्व सूचना नहीं मिलने की शिकायत सामने आई है।
नोट: व्यापारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके पक्ष के दावे के रूप में लिखा गया है। उपलब्ध रिपोर्ट में नगर निगम की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।



