उज्जैन में साइबर ठगी के दो मामले: इंस्टाग्राम लिंक और UPI ट्रांजेक्शन से 1.74 लाख रुपए की धोखाधड़ी
नागझिरी में तीन बैंक खातों से निकले 1.13 लाख रुपए, देवास गेट क्षेत्र में गोल्ड ज्वेलरी खरीदने के नाम पर महिला से 60,300 रुपए की ठगी; पुलिस ने दर्ज किए केस।

उज्जैन। शहर में साइबर अपराध के दो अलग-अलग मामलों में लोगों से करीब 1.74 लाख रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है। एक मामले में ब्रोकरशिप का काम करने वाले व्यक्ति के बैंक खातों से बिना जानकारी के UPI के जरिए रकम ट्रांसफर कर दी गई। वहीं, दूसरे मामले में इंस्टाग्राम पर गोल्ड ज्वेलरी का वीडियो देखने के बाद लिंक खोलना एक महिला को महंगा पड़ गया। आरोप है कि ज्वेलरी भेजने के नाम पर उससे कोरियर और अन्य शुल्क के बहाने बार-बार पैसे जमा करवाए गए। दोनों मामलों में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तीन बैंक खातों से ट्रांसफर हुए 1.13 लाख रुपए
नागझिरी थाना क्षेत्र के कल्पतरु एवेन्यू निवासी 42 वर्षीय भारत सिंह चौहान ने पुलिस को बताया कि 3 अक्टूबर को वह नागझिरी औद्योगिक क्षेत्र स्थित अपने कार्यस्थल पर थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर बैंक खातों से UPI ट्रांजेक्शन होने के संदेश आने लगे।
शिकायत के मुताबिक, सिटी यूनियन बैंक खाते से पहले 9,925 रुपए के दो ट्रांजेक्शन और 4,962.50 रुपए का एक अन्य ट्रांजेक्शन हुआ। इसके बाद उनके दूसरे बैंक खाते से 46,999.82 रुपए और 41,999.05 रुपए ट्रांसफर कर दिए गए। इस तरह कुल 1,13,811.37 रुपए की निकासी हुई।
ट्रांजेक्शन का पता चलने पर चौहान ने बैंक पहुंचकर रकम को रोकने की प्रक्रिया शुरू कराई। बैंक के माध्यम से करीब 1.60 लाख रुपए की शेष राशि होल्ड कराए जाने की जानकारी दी गई है। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी शिकायत की। बाद में बैंक की ओर से 9,925 रुपए और 4,962 रुपए वापस किए गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है।
इंस्टाग्राम पर ज्वेलरी का वीडियो देखकर खोली लिंक
साइबर ठगी का दूसरा मामला देवास गेट थाना क्षेत्र का है। देवकी यादव ने पुलिस को बताया कि 27 सितंबर को उन्होंने इंस्टाग्राम पर गोल्ड ज्वेलरी का एक वीडियो देखा था। वीडियो में दिए गए लिंक को खोलने के बाद उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया।
शिकायत के अनुसार, ज्वेलरी भेजने के लिए पहले 12,150 रुपए कोरियर शुल्क के नाम पर मांगे गए। इसके बाद अलग-अलग शुल्क बताकर महिला से कई बार भुगतान करवाया गया। उन्होंने एक ही दिन में अलग-अलग किस्तों और 3,150 रुपए सहित कुल 60,300 रुपए ट्रांसफर कर दिए।
रकम जमा करने के बावजूद ज्वेलरी नहीं पहुंची। इसके बाद महिला को ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा आईटी सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- सोशल मीडिया पर दिखने वाले अनजान शॉपिंग लिंक खोलने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें।
- ज्वेलरी या अन्य सामान भेजने के नाम पर बार-बार मांगे जा रहे अतिरिक्त शुल्क से सतर्क रहें।
- बैंक खाते से अनजान UPI ट्रांजेक्शन होने पर तुरंत बैंक से संपर्क करें।
- किसी भी संदिग्ध भुगतान या साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
- भुगतान करने से पहले प्राप्तकर्ता और ट्रांजेक्शन की जानकारी ध्यान से जांचें।
साइबर अपराध के इन मामलों में पुलिस जांच कर रही है। ऑनलाइन खरीदारी के दौरान सावधानी बरतना और किसी भी संदिग्ध मांग की पुष्टि करना आर्थिक नुकसान से बचने के लिए जरूरी है।



