रेल हादसों पर लगेगी लगाम, रतलाम-उज्जैन समेत 500 किमी रेल ट्रैक पर बनेगा ‘लौह कवच’
रेलवे खुले ट्रैक के दोनों ओर लगाएगा 3.5 फीट ऊंचे क्रैश बैरियर, सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा तैयारियों को मिलेगी मजबूती

उज्जैन। रेलवे पटरियों पर होने वाले हादसों को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए पश्चिम रेलवे ने एक महत्वपूर्ण सुरक्षा परियोजना शुरू की है। इसके तहत रतलाम मंडल के अंतर्गत आने वाले रतलाम, उज्जैन, इंदौर और भोपाल रेलखंड पर लगभग 500 किलोमीटर लंबे खुले ट्रैक के दोनों ओर 3.5 फीट ऊंचे क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। इस परियोजना का उद्देश्य रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत आवाजाही और मवेशियों की आवाजाही रोककर दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार जिन स्थानों पर अब तक ट्रैक खुला है और जहां लोगों या पशुओं के आसानी से रेलवे लाइन तक पहुंचने की आशंका रहती है, वहां प्राथमिकता के आधार पर लोहे के सुरक्षा बैरियर लगाए जा रहे हैं। पहले से सुरक्षित क्षेत्रों को छोड़कर सभी संवेदनशील स्थानों को इस योजना में शामिल किया गया है।
परियोजना की शुरुआत उज्जैन से की गई है। यहां शहरी क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के प्रमुख रेल मार्गों पर भी तेजी से बैरियर लगाने का कार्य चल रहा है। रेलवे ने ऐसे सभी संवेदनशील स्थानों का सर्वे कर सूची तैयार की है, जहां दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है।
सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा में होगा अहम योगदान
रेलवे की यह पहल वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और कई बार शॉर्टकट के लिए रेलवे ट्रैक पार करने का प्रयास करते हैं। क्रैश बैरियर लगने के बाद अनधिकृत रूप से रेलवे लाइन पार करना कठिन होगा, जिससे संभावित हादसों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
मवेशियों और जंगली जानवरों से भी मिलेगी सुरक्षा
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक पर अचानक मवेशियों और जंगली जानवरों के आने से भी कई बार रेल दुर्घटनाएं होती हैं। सुरक्षा बैरियर लगने से ऐसे मामलों में कमी आएगी और ट्रेन संचालन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित होगा।
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि खुले रेलवे ट्रैक वाले क्षेत्रों में क्रैश बैरियर लगाने का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। आगामी सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में रेलवे सुरक्षा से जुड़े अन्य आवश्यक इंतजाम भी किए जाएंगे।



