उज्जैन में आईटी पार्क को लेकर सीएम मोहन यादव बोले- युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार और कौशल विकास के अवसर
आईटी पार्क के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरा करने के दिए निर्देश; इंदौर-उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम जारी

उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन में निर्माणाधीन आईटी पार्क का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी क्षेत्र के विस्तार से युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।
मध्यप्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी युवाओं, शिक्षा, तकनीकी विकास और औद्योगिक प्रगति को राज्य के विकास एजेंडे के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
आईटी पार्क से रोजगार और तकनीकी अवसर बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में आईटी क्षेत्र को विकसित करने के लिए आईटी पार्क महत्वपूर्ण परियोजना है। उनके अनुसार, यहां आईटी कंपनियों और तकनीकी गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं को अपने शहर में ही रोजगार तथा कौशल से जुड़े अवसर मिल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देकर प्रदेश में उद्योगों के विस्तार की संभावनाओं को मजबूत किया जा सकता है। इससे शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बनाने में भी मदद मिलने की बात उन्होंने कही।
दो चरणों में तैयार हो रहा आईटी पार्क
परियोजना से जुड़ी जानकारी के अनुसार, उज्जैन का आईटी पार्क दो चरणों में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए करीब 2.16 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है। परियोजना में कुल लगभग 15,480 वर्गमीटर बिल्ट-अप क्षेत्र प्रस्तावित है।
इसमें करीब 11,436 वर्गमीटर क्षेत्र आईटी कंपनियों के लिए आरक्षित किए जाने की जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्ययोजना के बारे में जानकारी ली।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर मुख्यमंत्री का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाए। उन्होंने परियोजना को तय समय में पूरा करने पर भी जोर दिया, ताकि इसका लाभ विद्यार्थियों और युवाओं को जल्द मिल सके।
निरीक्षण के दौरान मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के अधिकारियों और उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को आईटी पार्क के निर्माण और अब तक हुई प्रगति की जानकारी दी।
इंदौर-उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर और उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी सुविधाओं, उद्योगों और रोजगार के अवसरों का विस्तार इस प्रक्रिया का हिस्सा है।
उनके मुताबिक, उज्जैन में आईटी क्षेत्र के विकास के साथ शिक्षा, तकनीकी नवाचार और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
पीएम एकता मॉल और महाकाल भक्त निवास का भी लिया जायजा
आईटी पार्क के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने इंदौर रोड पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से निर्माणाधीन पीएम एकता मॉल और महाकाल भक्त निवास की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से दोनों परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने इंदौर रोड स्थित महामृत्युंजय द्वार का निरीक्षण भी किया। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें द्वार के निर्माण और उसकी विशेषताओं से संबंधित जानकारी दी।
सिंहस्थ 2028 को देखते हुए विकास कार्यों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में अधोसंरचना और अन्य जरूरी विकास कार्यों को गति दी जा रही है। शहर में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही गई।



