उज्जैन में 16 जुलाई को धर्म और समरसता का महापर्व, निकलेगी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा
रथयात्रा के उपलक्ष्य में इस्कॉन ने 16 जुलाई को उज्जैन में स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग भी की

उज्जैन। धर्म और समरसता का संदेश देने वाली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा इस वर्ष 16 जुलाई को उज्जैन में निकाली जाएगी। यात्रा का शुभारंभ इंदिरा नगर चौराहे से होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो सकते हैं।। यह आयोजन मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग, महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, श्रीकृष्ण पाथेय और इस्कॉन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार, रथयात्रा दोपहर 1:30 बजे प्रारंभ होगी और दोपहर 2 बजे श्रद्धालु भगवान के रथ को खींचेंगे। इस बार भगवान बलभद्र, सुभद्रा महारानी और जगन्नाथ स्वामी तीन अलग-अलग रथों में विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। यात्रा इंदिरा नगर से शुरू होकर नगर निगम, कोयला फाटक, चामुंडा चौराहा, फ्रीगंज ओवरब्रिज, टावर चौक, तीन बत्ती चौराहा और देवास रोड होते हुए शाम करीब 6:30 बजे महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ पहुंचेगी।
रथयात्रा में ढोल-ताशे, भजन-कीर्तन मंडलियां, पारंपरिक झांकियां, घोड़े, बग्घियां और जनजातीय लोकनृत्य दल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजन को प्रदेशभर में समरसता महापर्व के रूप में मनाया जाएगा और 100 से अधिक स्थानों पर विशेष कार्यक्रम होंगे।
रथयात्रा के समापन के बाद भगवान जगन्नाथ सात दिनों तक शोधपीठ परिसर में बनाए गए अस्थायी गुंडीचा मंदिर में विराजेंगे। इस दौरान प्रतिदिन आरती, छप्पन भोग, भजन संध्या और धार्मिक आयोजन होंगे। 24 जुलाई को भगवान की वापसी रथयात्रा इस्कॉन मंदिर के लिए निकाली जाएगी।
इधर इस्कॉन उज्जैन ने 16 जुलाई को रथयात्रा के अवसर पर उज्जैन में स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग भी की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों को पत्र भेजा गया है।



