उज्जैन में सोशल मीडिया दोस्ती के बहाने हनीट्रैप, युवक से 10 लाख रुपए वसूलने का आरोप
इंस्टाग्राम पर संपर्क के बाद मिलने बुलाया, अपहरण और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले में 10 आरोपी गिरफ्तार

उज्जैन। नानाखेड़ा थाना पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर कथित रूप से अपहरण, मारपीट और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी लोकेश शर्मा सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक महिला और उसके साथी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, नरवर निवासी 29 वर्षीय हैदर पटेल ने 20 जुलाई 2026 को नानाखेड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। युवक ने बताया कि इंस्टाग्राम पर अंजली नाम की युवती ने उससे संपर्क किया और नौकरी दिलाने का भरोसा देकर मुलाकात के लिए उज्जैन बुलाया।
मुलाकात के बहाने बुलाकर किया अपहरण
पीड़ित के अनुसार, तय स्थान पर पहुंचने के बाद लोकेश शर्मा और उसके साथियों ने उसे जबरन अपने कब्जे में ले लिया। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और एक आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर रकम की मांग की गई।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने युवक के पिता को फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। बातचीत के बाद रकम 26 लाख रुपये तय हुई। परिवार ने कथित रूप से 10 लाख रुपये आरोपियों को दिए, जिसके बाद युवक को छोड़ दिया गया। इसके बावजूद गिरोह बाकी 16 लाख रुपये के लिए दबाव बनाता रहा।
तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। सीएसपी नानाखेड़ा श्वेता गुप्ता और थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में साइबर सेल तथा मुखबिर तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई।
मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
संपन्न लोगों की जानकारी जुटाकर बिछाते थे जाल
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि गिरोह पहले ऐसे लोगों की पहचान करता था, जिनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो। पुलिस के अनुसार, सह-आरोपी इदरीश पटेल ने पीड़ित की आर्थिक स्थिति और उसकी इंस्टाग्राम आईडी की जानकारी गिरोह तक पहुंचाई थी।
इसके बाद महिला सदस्य ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवक से संपर्क किया और नौकरी या काम का लालच देकर मुलाकात के लिए बुलाया। आरोप है कि गिरोह पीड़ित का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सामाजिक बदनामी और झूठे प्रकरण की धमकी देता था।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस ने मामले में लोकेश शर्मा, राजपाल सिंह राठौड़, पंकज बमोरिया, यशवंत देवड़ा, आर्यन राठौर, लखन पंवार, इदरीश पटेल, इमरान उर्फ राजा, जयसिंह चौहान और आयुष जाटवा को गिरफ्तार किया है।
महिला सहित दो आरोपी फरार
मामले में भोपाल निवासी अंजली ठाकुर और दीपक राजपूत अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और संपत्ति की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने इसी तरीके से अन्य लोगों को निशाना बनाया था या नहीं।



