उज्जैन को मिली ई-बसों की सौगात, CM मोहन यादव ने पीएम ई-बस और ‘उज्जैन दर्शन’ सेवा को दिखाई हरी झंडी
27 किमी से ज्यादा लंबे रूट पर 10 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी, ₹200 में प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों का सफर; मुख्यमंत्री ने खुद भी बस में किया सफर

उज्जैन, 27 सितंबर। धार्मिक नगरी उज्जैन में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में नई शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को श्री महाकाल लोक के अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर से पीएम ई-बस सेवा और उज्जैन दर्शन सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने शक्ति पथ स्थित कार्यक्रम स्थल से बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और खुद भी बस में सफर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत वेदपाठी बटुकों के वैदिक मंत्रोच्चार और डमरू वादन के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में सार्वजनिक परिवहन की पुरानी व्यवस्था को फिर से मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक शहर के भीतर नगरीय बस सेवा के साथ राज्य के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाली परिवहन व्यवस्था को भी विस्तार दिया जाएगा।
10 बसों से शुरू होगी उज्जैन दर्शन सेवा
उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 इलेक्ट्रिक बसों की सेवा शुरू की गई है। ये बसें शहर के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों को एक ही रूट से जोड़ेंगी।
उज्जैन दर्शन रूट मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होकर महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका माता मंदिर, काल भैरव मंदिर, सिद्धवट, अंगारेश्वर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामण गणेश, अष्ट विनायक, शनि नवग्रह और इस्कॉन मंदिर तक जाएगा। इसके बाद बस देवास गेट/बस स्टैंड और उज्जैन रेलवे स्टेशन होते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पहुंचेगी।
जिला प्रशासन की वेबसाइट भी उज्जैन को प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में सूचीबद्ध करती है और शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराती है।
₹200 में घूम सकेंगे प्रमुख धार्मिक स्थल
उज्जैन दर्शन बस सेवा का किराया ₹200 निर्धारित किया गया है। यात्री यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार रूट की कुल लंबाई 27.01 किलोमीटर है।
इस सेवा की खास बात यह होगी कि यात्री निर्धारित स्टॉप पर उतरकर संबंधित मंदिर या दर्शनीय स्थल का भ्रमण कर सकेंगे। दर्शन के बाद उसी स्टॉप से अगली उपलब्ध बस लेकर आगे की यात्रा जारी रखी जा सकेगी। वैध टिकट की अवधि में अलग-अलग निर्धारित स्टॉप से बस में चढ़ने-उतरने की सुविधा भी रहेगी।
इलेक्ट्रिक बसों में मिलेंगी डिजिटल सुविधाएं
नई बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं। इनमें लाइव सीसीटीवी, जीपीएस आधारित ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग और यूपीआई/डिजिटल भुगतान शामिल हैं।
बसों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा यात्रियों को मंदिरों और प्रमुख स्थलों के बारे में जानकारी देने के लिए डिजिटल असिस्टेंट सह उज्जैन दर्शन गाइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
12 मार्गों पर शहर में सुगम परिवहन
उज्जैन में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के लिए कुल 12 मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इनमें तपोभूमि-पान विहार, उज्जैन रेलवे स्टेशन-कालियादेह महल, कानीपुरा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-तपोभूमि, देवास गेट-ताजपुर, देवास गेट-नए आरटीओ कार्यालय, महाकाल चौराहा-अभिलाषा कॉलोनी और देवास गेट-नानाखेड़ा सहित अन्य रूट शामिल हैं।
इन मार्गों के जरिए आवासीय क्षेत्रों के साथ व्यावसायिक, शैक्षणिक और धार्मिक स्थलों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने की योजना है।
सिंहस्थ-2028 के लिहाज से भी महत्वपूर्ण
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए शहर की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। नई बस सेवा से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए एक व्यवस्थित विकल्प मिलेगा।
कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेशनाथ जी महाराज, महापौर मुकेश टटवाल, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण समिति अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



