उज्जैन में रानी दुर्गावती और राणा पूंजा भील की जयंती मनाई, अजाक्स ने वीरता और त्याग को किया नमन
कोठी पैलेस स्थित जिला कार्यालय में हुआ आयोजन, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महापुरुषों के आदर्शों को अपनाने का लिया संकल्प

उज्जैन। अनुसूचित जाति/जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) की जिला इकाई उज्जैन ने कोठी पैलेस स्थित जिला कार्यालय में वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती और वीर शिरोमणि राणा पूंजा भील की जयंती श्रद्धा और गरिमापूर्ण माहौल में मनाई। कार्यक्रम में संगठन से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दोनों ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को याद करते हुए उनके चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की।
दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और महापुरुषों के तैलचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने रानी दुर्गावती और राणा पूंजा भील के संघर्ष, साहस और मातृभूमि के प्रति समर्पण को स्मरण किया।
अजाक्स के जिला अध्यक्ष डॉ. आर. एल. परमार के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में संगठन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। जिला मीडिया प्रभारी डी. एल. भीलवाड़ा ने कार्यक्रम की रूपरेखा और संगठन की गतिविधियों की जानकारी साझा की।
रानी दुर्गावती के साहस को किया याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. आर. एल. परमार ने रानी दुर्गावती के जीवन और संघर्ष का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पण की प्रतीक हैं। उन्होंने अपने शासन और संघर्ष के दौरान विपरीत परिस्थितियों का सामना किया और अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया।
वक्ताओं ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन समाज के लिए साहस और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा देता है।
राणा पूंजा भील के योगदान को किया रेखांकित
राणा पूंजा भील के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए डॉ. परमार ने उनके संघर्ष और संगठन क्षमता को याद किया। कार्यक्रम में बताया गया कि मेवाड़ की रक्षा के संघर्ष में राणा पूंजा भील की भूमिका महत्वपूर्ण रही और उन्होंने महाराणा प्रताप के साथ मिलकर संघर्ष किया।
वक्ताओं ने उनके जीवन से संगठन, साहस और मातृभूमि के प्रति प्रतिबद्धता की सीख लेने की बात कही।
समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान का संकल्प
समारोह में मौजूद अन्य वक्ताओं रतनलाल मालवीय, डॉ. कनिया मेइड़ा और रमेश चंद्र सूर्यवंशी ने भी दोनों ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के जीवन और आदर्शों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों के संघर्ष और सामाजिक योगदान को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
कार्यक्रम में मौजूद अजाक्स पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रानी दुर्गावती तथा राणा पूंजा भील के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए समाज की प्रगति और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में महेश विरोलिया, डॉ. कनिया मेईड़ा, जगन्नाथ बागड़ी, रमेश चंद्र सूर्यवंशी, प्रवीण गहलोत, बी.एल. सिन्दल, भेरू सिंह पटवारी, हंसराज शेर, लक्ष्मी नारायण भाट, एन.पी. मालवीय, नितेश गौसर, टी.आर. सोलंकी, प्रदीप सिसोदिया और विजय रायकवार सहित अजाक्स के पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर जिला सचिव ने सभी अतिथियों और उपस्थित कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।



