उज्जैन हादसा: सीवरेज चैंबर में दम घुटने से कर्मचारी की मौत, दो का अस्पताल में इलाज जारी
बारिश के बीच सीवरेज लाइन की सफाई के दौरान हुआ हादसा, पुलिस और नगर निगम ने रेस्क्यू कर तीनों को निकाला; उपचार के दौरान एक कर्मचारी की मौत, दो का इलाज जारी।

उज्जैन। शहर के पिपली नाका क्षेत्र में मंगलवार को सीवरेज लाइन की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सीवरेज चैंबर में उतरे तीन कर्मचारी जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण अंदर ही फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों को बाहर निकाला। अस्पताल में इलाज के दौरान एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य का उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनने पर सीवरेज लाइन की सफाई का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान एक कर्मचारी चैंबर में गिर गया। उसे बचाने के लिए दो अन्य कर्मचारी भी नीचे उतरे, लेकिन तीनों जहरीली गैस की चपेट में आ गए और बाहर नहीं निकल सके।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने मौके पर भीड़ देख वाहन रुकवाया और तत्काल वायरलेस के माध्यम से पुलिस बल तथा नगर निगम अधिकारियों को घटनास्थल पर बुलाया। पुलिस और निगम की टीम ने जोखिम उठाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और तीनों कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में उपचार के दौरान कर्मचारी अशोक मिश्रा ने दम तोड़ दिया, जबकि गोपाल और रमेश का इलाज जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों कर्मचारी जेटिंग मशीन के जरिए सीवरेज लाइन की सफाई के लिए चैंबर में उतरे थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घायलों से मिले कलेक्टर-पिपली नाका क्षेत्र में सीवरेज चैंबर निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर रौशन कुमार सिंह जिला चिकित्सालय पहुंचे और उपचाराधीन घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए डॉक्टरों को सभी घायलों का प्राथमिकता के आधार पर सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से घायलों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा जरूरत पड़ने पर सभी आवश्यक चिकित्सकीय संसाधन तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि घायलों की लगातार निगरानी रखी जाए और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
अस्पताल में कलेक्टर ने घायलों के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और उपचार व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
प्रशासन द्वारा घायलों के इलाज और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि प्रभावित व्यक्तियों को समय पर समुचित चिकित्सा एवं आवश्यक सहायता मिलती रहे।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कूमट, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।



