सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का होगा कायाकल्प, श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
कालभैरव, मंगलनाथ, सिद्धवट सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के विस्तारीकरण की तैयारी, पार्किंग और दर्शन व्यवस्था होगी और बेहतर

सिंहस्थ-2028 से पहले धार्मिक नगरी के मंदिरों को भव्य स्वरूप में संवारा जाएगा। ताकि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुविधापूर्वक दर्शन हो सके। मंदिरों में पार्किंग, दर्शन के साथ ही अन्य व्यवस्था में के लिए कार्य योजना बनाई जा रही हैं। इससे दर्शनार्थियों को दिव्य अनुभूति होगी।
संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह व कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने प्रस्तावित कार्य योजना की जानकारी ली। प्रमुख मंदिरों का विस्तारीकरण होने से आने वाले श्रद्धालुओं को सहज दर्शन की सुविधा मिलेगी।
इस बार सिंहस्थ-2028 के विश्व स्तरीय आयोजन को लेकर विकास कार्यो का निर्माण चल रहा है। इसके साथ ही प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं को सहज दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा और सुविधा के लिए विस्तार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
संभागायुक्त ने प्रमुख मंदिरों कालभैरव, अंगारेश्वर, मंगलनाथ, सिद्धवट मंदिर, सांदीपनि आश्रम, भूखीमाता, नवग्रह शनिमंदिर और पीएम एकता मॉल के समीप विराट स्वरूप परिक्षेत्र के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी ली। विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने मंदिरों के विस्तारीकरण योजना में शामिल दर्शन व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए फैसेलिटी सेंटर के साथ मंदिर में पर्यावरण अनुरूप निर्माण की प्रस्तावित कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी।
संभागायुक्त ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को प्रमुख मंदिरों में सुविधा पूर्वक दर्शन हो ऐसी व्यवस्था की जाएगी। प्राकृतिक पर्यावरण के अनुरूप वातावरण में मंदिर का विस्तार होने से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और उन्हें अद्भूत अनुभूति होगी।



