कैलाश मकवाना के बाद कौन संभालेगा MP पुलिस की कमान? नए DGP के चयन की प्रक्रिया तेज

गृह विभाग ने वरिष्ठ IPS अधिकारियों की प्रोफाइल की जांच शुरू की; उपेंद्र जैन, वरुण कपूर और पंकज श्रीवास्तव समेत कई नाम चर्चा में

भोपाल, 22 जुलाई 2026। मध्य प्रदेश में अगले पुलिस महानिदेशक यानी DGP के चयन की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। मौजूदा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना का विस्तारित कार्यकाल नवंबर के अंत अथवा 1 दिसंबर 2026 के आसपास पूरा होना है। इसके पहले राज्य सरकार नए पुलिस प्रमुख की नियुक्ति से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने की तैयारी में जुट गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की भारतीय पुलिस सेवा सिविल लिस्ट में मकवाना को 1988 बैच का अधिकारी और 1 दिसंबर 2024 से मध्य प्रदेश का DGP दर्ज किया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों की प्रोफाइल की जांच

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस महानिदेशक और विशेष पुलिस महानिदेशक स्तर तक पहुंच चुके संभावित पात्र अधिकारियों की स्क्रूटनी की गई है। अधिकारियों की सेवा अवधि, पिछली पदस्थापनाओं, कार्य अनुभव, प्रदर्शन और सेवा रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी जुटाकर विस्तृत सूची तैयार की गई है। यह सूची गृह विभाग के पास पहुंच चुकी है और अब उच्च स्तर से मंजूरी मिलने का इंतजार है।

मंजूरी मिलने के बाद योग्य अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC को भेजे जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार को पुलिस प्रमुख का पद खाली होने से पहले आयोग को प्रस्ताव भेजना होता है। UPSC पात्र अधिकारियों के रिकॉर्ड और अनुभव का मूल्यांकन कर तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजता है। अंतिम नियुक्ति इसी पैनल में से की जाती है।

किन अधिकारियों के नाम चर्चा में?

अगले DGP की दौड़ में कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम बताए जा रहे हैं। संभावित सूची में उपेंद्र कुमार जैन, वरुण कपूर, प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, पंकज कुमार श्रीवास्तव, आदर्श कटियार, जी. अखेतो सेमा, अनिल कुमार, रवि कुमार गुप्ता, अनंत कुमार सिंह, मनमीत सिंह नारंग, राजाबाबू सिंह और डीपी गुप्ता के नाम शामिल होने की चर्चा है। हालांकि पात्रता की अंतिम जांच और UPSC की चयन प्रक्रिया के बाद ही वास्तविक पैनल स्पष्ट होगा।

प्रशासनिक हलकों में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के महानिदेशक उपेंद्र कुमार जैन, जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक वरुण कपूर और सीआईडी के विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव को प्रमुख दावेदारों में गिना जा रहा है। वरिष्ठता और उपलब्ध सेवा अवधि के आधार पर उपेंद्र जैन का नाम अपेक्षाकृत आगे बताया जा रहा है, लेकिन सरकार या UPSC की ओर से अभी किसी अधिकारी के नाम की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

शेष सेवा अवधि भी होगी महत्वपूर्ण

नए DGP का पैनल तैयार करते समय वरिष्ठता के साथ सेवा रिकॉर्ड, विभिन्न क्षेत्रों में काम का अनुभव और सेवानिवृत्ति तक बची सेवा अवधि भी महत्वपूर्ण होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों में पैनल के लिए विचार किए जाने वाले अधिकारी के पास कम से कम छह महीने की शेष सेवा अवधि होने का उल्लेख किया गया है। इसी कारण संभावित दावेदारों की सेवानिवृत्ति की तारीखों का भी परीक्षण किया जाएगा।

अब आगे क्या होगा?

गृह विभाग की सूची को राज्य सरकार के उच्च स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद UPSC को भेजा जाएगा। आयोग संबंधित अधिकारियों की योग्यता और अनुभव का आकलन कर तीन नामों का पैनल तैयार करेगा। इसके बाद राज्य सरकार पैनल में शामिल किसी एक अधिकारी को मध्य प्रदेश का नया पुलिस महानिदेशक नियुक्त करेगी।

पुलिस महानिदेशक राज्य पुलिस बल का सर्वोच्च अधिकारी होता है। कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, पुलिस प्रशासन और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय इसी पद के नेतृत्व में लिए जाते हैं। इसलिए अगले DGP के चयन को लेकर पुलिस मुख्यालय से लेकर प्रशासनिक स्तर तक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

सवाल-जवाब

सवाल: मध्य प्रदेश के नए DGP का चयन कैसे होगा?
जवाब: राज्य सरकार पात्र वरिष्ठ IPS अधिकारियों की सूची UPSC को भेजेगी। आयोग तीन अधिकारियों का पैनल बनाकर राज्य को देगा। राज्य सरकार इसी पैनल में से किसी एक अधिकारी को DGP नियुक्त करेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button