विक्रम उद्योगपुरी में बजाज ऑटो की नजर, 200 एकड़ में प्लांट लगाने की तैयारी
करीब 2,500 करोड़ रुपए के निवेश की तैयारी, विक्रम उद्योगपुरी समेत कई औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन का निरीक्षण; ईवी वाहनों के उत्पादन की योजना

उज्जैन। औद्योगिक निवेश के लिहाज से उज्जैन में लगातार नई संभावनाएं बन रही हैं। वॉल्वो-आयशर के बाद अब बजाज ऑटो भी जिले में अपना विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी ने अपनी प्रस्तावित ऑटोमोबाइल यूनिट के लिए करीब 200 एकड़ जमीन की मांग की है। इस परियोजना में लगभग 2,500 करोड़ रुपए के निवेश की योजना बताई जा रही है।
एमपीआईडीसी के अधिकारियों के अनुसार, बजाज ऑटो की टीम ने बुधवार को रतलाम और कचनारिया (नागदा) औद्योगिक क्षेत्र का दौरा कर उपलब्ध जमीन और औद्योगिक सुविधाओं का जायजा लिया। इसके बाद कंपनी के अधिकारी उज्जैन पहुंचेंगे और विक्रम उद्योगपुरी में भी संभावित जमीन का निरीक्षण करेंगे।
टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के साथ ईवी पर फोकस
प्रस्तावित परियोजना में कंपनी की ओर से टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर वाहनों के निर्माण की योजना पर विचार किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यूनिट में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उत्पादन की भी संभावना है।
यदि जमीन और अन्य औद्योगिक सुविधाओं को लेकर सहमति बनती है, तो उज्जैन में ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को एक बड़ा निवेश मिल सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और इससे जुड़े सहायक उद्योगों के लिए भी अवसर पैदा होने की संभावना है।
उद्योगों के लिए उज्जैन क्यों बन रहा पसंद
उज्जैन में पिछले कुछ समय से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क, बिजली की उपलब्धता, औद्योगिक जमीन और पानी की सुविधाओं के साथ राज्य सरकार की निवेश संबंधी नीतियां उद्योगों को आकर्षित करने वाले प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
इसी वजह से बड़े कारोबारी समूहों की नजर अब उज्जैन और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों पर है। विक्रम उद्योगपुरी को भी बड़े निवेश के लिए विकसित किए जा रहे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में माना जा रहा है।
सीमेंस भी विक्रम उद्योगपुरी में लगाएगी यूनिट
उधर, सीमेंस की प्रस्तावित परियोजना भी विक्रम उद्योगपुरी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी ने यहां करीब 60.49 एकड़ जमीन पर ट्रांसफार्मर निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना बनाई है।
इस परियोजना में लगभग 2,533 करोड़ रुपए के निवेश की बात कही गई है। कंपनी की स्थापना वर्ष 1847 में हुई थी और प्रस्तावित योजना के तहत करीब दो साल में प्लांट शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है।
बजाज की टीम के दौरे से उम्मीदें बढ़ीं
बजाज ऑटो के अधिकारियों द्वारा अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण किए जाने से प्रस्तावित परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। कंपनी के अधिकारी विक्रम उद्योगपुरी में उपलब्ध जमीन और वहां मौजूद औद्योगिक सुविधाओं का आकलन करेंगे।
एमपीआईडीसी के ईडी राजेश राठौड़ के अनुसार, बजाज ऑटो के अधिकारी जमीन देखने के लिए उज्जैन आ रहे हैं। कंपनी करीब 200 एकड़ क्षेत्र में टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर यूनिट लगाने की योजना पर काम कर रही है।



