दीपोत्सव के बाद रातभर चला सफाई अभियान, सुबह तक चमक उठे क्षिप्रा के घाट
400 से ज्यादा सफाई मित्रों ने 7 सेक्टरों में संभाली जिम्मेदारी, लाखों दीपक और पूजा सामग्री हटाई; श्रद्धालुओं के लिए सुबह तक घाट किए व्यवस्थित

उज्जैन। क्षिप्रा नदी के घाटों पर भव्य दीपोत्सव के बाद नगर निगम के सफाई मित्रों ने रातभर अभियान चलाकर घाटों को दोबारा स्वच्छ और व्यवस्थित कर दिया। दीपोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के चलते घाटों पर लाखों दीपक जलाए गए थे। आयोजन समाप्त होते ही नगर निगम के स्वास्थ्य अमले ने सफाई कार्य शुरू कर दिया, ताकि अगले दिन श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों को साफ-सुथरे घाट मिल सकें।
सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए दीपोत्सव में शहरवासियों के साथ वॉलंटियर्स, सामाजिक संस्थाओं, विभिन्न संगठनों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। दीपों से सजे क्षिप्रा के घाट आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम पूरा होने के बाद स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखना नगर निगम के सामने बड़ी जिम्मेदारी थी।
7 सेक्टरों में 400 से अधिक सफाई मित्र तैनात
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने दीपोत्सव को लेकर पहले से विशेष सफाई व्यवस्था तैयार की थी। घाट क्षेत्र को 7 सेक्टरों में बांटकर प्रत्येक सेक्टर में स्वास्थ्य अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक, मेट और दरोगा की जिम्मेदारी तय की गई थी।
स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजेश गुप्ता के अनुसार, अभियान में 400 से अधिक सफाई मित्र लगाए गए थे। दीपोत्सव समाप्त होते ही टीमों ने अपने-अपने सेक्टर में सफाई का काम शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने देर रात तक लगातार काम करते हुए घाटों से दीपक, पूजा सामग्री और अन्य अवशेष हटाए।
लाखों दीपक एकत्र कर कार्तिक मेला प्रांगण पहुंचाए
सफाई अभियान के दौरान घाटों पर जलाए गए दीपों को अलग-अलग स्थानों से एकत्र किया गया। इसके बाद इनका परिवहन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए कार्तिक मेला प्रांगण तक किया गया।
घाटों पर दीपक जलाने के बाद बचे तेल और अन्य सामग्री की भी सफाई की गई। तेल के कारण पत्थरों पर फिसलन न हो और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जरूरत वाले स्थानों पर चूने के पाउडर का छिड़काव किया गया।
सुबह श्रद्धालुओं को मिले साफ घाट
सफाई मित्रों की टीम ने पूरी रात अलग-अलग हिस्सों में काम किया। अभियान का उद्देश्य यह था कि दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजन का असर अगले दिन घाटों की नियमित व्यवस्था पर न पड़े।
शुक्रवार सुबह जब श्रद्धालु और तीर्थयात्री क्षिप्रा के घाटों पर पहुंचे तो उन्हें घाट काफी हद तक साफ और व्यवस्थित स्थिति में मिले। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने बड़े जनभागीदारी वाले आयोजन के बाद स्वच्छता व्यवस्था को जल्द सामान्य करने के लिए रात में ही सफाई अभियान पूरा किया।
दीपोत्सव के साथ स्वच्छता का संदेश
दीपोत्सव के दौरान क्षिप्रा के घाट लाखों दीपों से रोशन हुए, वहीं आयोजन के बाद सफाई मित्रों की सक्रियता ने स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी संदेश दिया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी वाले कार्यक्रम के बाद कुछ ही घंटों में घाटों को फिर से व्यवस्थित करना नगर निगम की स्वच्छता टीम के लिए महत्वपूर्ण कार्य रहा।
नगर निगम के स्वास्थ्य अमले और सफाई मित्रों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के बाद घाटों की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो। रातभर चले अभियान के बाद सुबह तक घाटों को श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित कर दिया गया।



