मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लॉन्च किया ‘दृष्टि’ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, पंचायत ऑडिट अब होगा पूरी तरह डिजिटल
पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे की शुरुआत, 23,011 ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और सुशासन को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने पंचायतों की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक के दौरान ‘दृष्टि’ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। इसके साथ ही पंचायत दर्पण पोर्टल पर नई पेमेंट गेटवे सुविधा भी शुरू की गई। इस पहल से ग्राम पंचायतों की ऑडिट प्रक्रिया तेज, सरल और पूरी तरह डिजिटल हो सकेगी।
राज्य सरकार के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म देश में पंचायतों के रिमोट डिजिटल वित्तीय ऑडिट की दिशा में एक महत्वपूर्ण और अभिनव पहल है। इससे ऑडिटर किसी भी स्थान से ऑनलाइन पंचायतों के आय-व्यय से जुड़े दस्तावेजों का निरीक्षण कर सकेंगे।
23 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को मिलेगा लाभ
केंद्रीय वित्त आयोग से मिलने वाले अनुदान के लिए त्रिस्तरीय पंचायतों का समयबद्ध ऑडिट अनिवार्य है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पंचायती राज संचालनालय ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के सहयोग से ‘दृष्टि’ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इसके माध्यम से प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों का वित्तीय ऑडिट अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा।
घर बैठे जमा होंगे पंचायत से जुड़े बिल
मुख्यमंत्री ने पंचायत दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन पेमेंट गेटवे की भी शुरुआत की। यह सुविधा पंचायती राज संचालनालय ने एनआईसी, जल निगम और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से विकसित की है। अब पंचायतें विभिन्न सेवाओं के लिए ऑनलाइन बिल जनरेट कर सकेंगी और नागरिक घर बैठे डिजिटल माध्यम से भुगतान कर तत्काल रसीद भी प्राप्त कर सकेंगे।
पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगा बल
नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने से समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही पंचायतों के वित्तीय अभिलेख स्वतः तैयार होंगे, जिससे कार्यों की निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि यह पहल पंचायत स्तर पर सुशासन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।