मध्यप्रदेश में 21 साल बाद लौटी सरकारी बस सेवा, 351 बसों से सुगम परिवहन की शुरुआत
भोपाल से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ, 7 शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें चलेंगी; किराया 2 रुपए प्रति किलोमीटर

भोपाल। मध्यप्रदेश में लंबे अंतराल के बाद सरकारी लोक परिवहन व्यवस्था की दोबारा शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को भोपाल से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया। पहले चरण में प्रदेश के सात शहरों से कुल 351 बसों का संचालन शुरू किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत शहरों के भीतर चलने वाली बसों के साथ इंटरसिटी सेवाएं भी संचालित होंगी। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
सात शहरों से शुरू हुआ बसों का संचालन
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के पहले चरण में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है। कुल 351 बसों में इंदौर में 145, भोपाल में 106, जबलपुर में 67, रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 बसें शामिल हैं। इनमें इंटरसिटी और इंट्रासिटी दोनों तरह की सेवाएं हैं।
2 रुपए प्रति किलोमीटर तय किया गया किराया
इंटरसिटी सेवा के लिए किराया 2 रुपए प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है। उदाहरण के तौर पर भोपाल से इंदौर की करीब 190 किलोमीटर दूरी के लिए किराया 380 रुपए बैठता है।
GPS से मिलेगी बस की लोकेशन
सुगम परिवहन सेवा के तहत संचालित बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बसों में GPS ट्रैकिंग, CCTV कैमरे, पैनिक बटन और डिजिटल टिकटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे बसों की निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना है।
2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य
सरकार ने सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की योजना बनाई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शुरुआती चरण में 1,500 बसें संचालित करने और आगे हर साल बसों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। सितंबर 2031 तक करीब 15,000 बसें संचालित करने की योजना बताई गई है।
21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी
मध्यप्रदेश में राज्य सड़क परिवहन निगम की बस सेवा 2000 के दशक की शुरुआत में बंद हो गई थी। इसके बाद प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन में निजी ऑपरेटरों की भूमिका बढ़ी। अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के जरिए सरकारी स्तर पर लोक परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में शुरू किया गया है।
बसों में आधुनिक सुविधाओं पर जोर
नई बस सेवा में यात्रियों की सुविधा के साथ संचालन की निगरानी पर भी जोर दिया गया है। प्रस्तावित व्यवस्था में डिजिटल टिकटिंग, GPS आधारित ट्रैकिंग, CCTV और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा बस स्टॉप, डिपो और टर्मिनल सुविधाओं को भी चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की योजना है।



