एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0: मध्यप्रदेश को मिले 40 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 34 हजार से अधिक रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में बनेगा मध्यप्रदेश देश का नया टेक्नोलॉजी हब

भोपाल। मध्यप्रदेश को सूचना प्रौद्योगिकी और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में प्रदेश को लगभग 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉन्क्लेव का शुभारंभ करते हुए कहा कि इन निवेशों से राज्य में 34 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे और मध्यप्रदेश तकनीकी विकास के नए दौर में प्रवेश करेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कॉन्क्लेव के दौरान कुल 51 प्रमुख गतिविधियां आयोजित की गईं। पिछले दो टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश को 46 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जबकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के बाद तकनीकी क्षेत्र में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

भोपाल में बनेगा 20 हजार करोड़ का एआई-रेडी डेटा सेंटर
कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी घोषणा स्पेन की सबमर ग्रुप की ओर से हुई। कंपनी भोपाल में करीब 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करेगी। इस परियोजना से लगभग 5 हजार प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
इंदौर और भोपाल को मिलेंगे नए आईटी पार्क
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में आधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। वहीं भोपाल में नया आईटी टॉवर और प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं से युक्त आईटी पार्क बनाया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भी की जाएगी।
तकनीकी निवेश का बन रहा नया केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल कृषि और प्राकृतिक संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि एआई, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे भविष्य के क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार उद्योगों को निवेश के लिए अनुकूल वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
विदेशी कंपनियों का बढ़ा भरोसा
कॉन्क्लेव में बताया गया कि स्पेन, कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों की प्रमुख कंपनियों की 28,200 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाएं प्रदेश में ग्राउंडब्रेकिंग चरण में पहुंच चुकी हैं। इससे औद्योगिक विकास के साथ डिजिटल इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी।




