प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व शिविर का औचक निरीक्षण, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी बढ़ाने के निर्देश

सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने जिला चिकित्सालय में जांचीं व्यवस्थाएं; समय पर सोनोग्राफी, जांच और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर जोर

उज्जैन, 26 जुलाई। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय में आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शिविर का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की जांच, उपचार और फॉलोअप व्यवस्था की समीक्षा की।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत जिले की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा प्रसव पूर्व जांच के साथ संभावित जोखिमों की पहचान की जाती है।

पंजीयन से सोनोग्राफी तक जांचीं व्यवस्थाएं

निरीक्षण के दौरान डॉ. पटेल ने शिविर में पंजीयन, चिकित्सकीय परामर्श, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, प्रयोगशाला जांच, प्रसव पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण और सोनोग्राफी से जुड़ी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।

उन्होंने शिविर में मौजूद गर्भवती महिलाओं से सीधे बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली। महिलाओं की समस्याएं और सुझाव सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए।

हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के उपचार में लापरवाही नहीं

सीएमएचओ ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला की प्रोटोकॉल के अनुसार समय पर संपूर्ण जांच सुनिश्चित की जाए। जिन महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम सामने आएं, उनकी पहचान कर अलग से निगरानी और उपचार की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के उपचार में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क सोनोग्राफी, रक्त जांच और अन्य परीक्षण समय पर उपलब्ध कराए जाएं।

अनावश्यक प्रतीक्षा से बचाने के निर्देश

डॉ. पटेल ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को सभी जांच एवं परामर्श निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविर में आने वाली महिलाओं को लंबी कतार या अनावश्यक प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े।

पंजीयन से लेकर जांच रिपोर्ट और चिकित्सकीय परामर्श तक की प्रक्रिया व्यवस्थित रखी जाए। किसी भी महिला में गंभीर स्थिति दिखाई देने पर तुरंत वरिष्ठ चिकित्सक से परामर्श और आवश्यक रेफरल कराया जाए।

नियमित फॉलोअप और संस्थागत प्रसव पर जोर

हाई रिस्क श्रेणी की गर्भवती महिलाओं का नियमित फॉलोअप करने के निर्देश भी दिए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को ऐसी महिलाओं से लगातार संपर्क बनाए रखने और निर्धारित तिथि पर स्वास्थ्य संस्थान बुलाने के लिए कहा गया।

सीएमएचओ ने कहा कि महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि प्रसव के दौरान किसी भी जटिलता की स्थिति में तत्काल विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सके।

संतुलित आहार और दवाओं के नियमित सेवन की सलाह

निरीक्षण के दौरान डॉ. पटेल ने गर्भवती महिलाओं को नियमित प्रसव पूर्व जांच कराने, संतुलित भोजन लेने और चिकित्सक की सलाह का पालन करने की समझाइश दी।

उन्होंने आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियों का नियमित सेवन करने और निर्धारित तारीख पर जांच के लिए उपस्थित होने की सलाह भी दी। स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक हाई रिस्क महिला की जानकारी अद्यतन रखी जाए।

डॉ. पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान करना और प्रत्येक महिला को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराकर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना है।

निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी ब्रजेश त्रिपाठी, सिविल सर्जन डॉ. संगीता पलसानिया, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिता भीलवार, अस्पताल प्रबंधक हिमांगी चौहान, सहायक कार्यक्रम प्रबंधक दिलीप वसुनिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा जिला चिकित्सालय का स्वास्थ्य स्टाफ मौजूद रहा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button