उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को रफ्तार, 15 सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य जल्द होंगे शुरू
नई सड़कों, चौड़ीकरण, अंडरपास और सीवर-वाटर लाइन की प्लानिंग पर जोर; नगर निगम आयुक्त ने विभागों को समय रहते तैयारियां पूरी करने के दिए निर्देश

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन शहर में यातायात व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है। सिंहस्थ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण, नए सड़क निर्माण और अन्य अधोसंरचना कार्यों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
इसी क्रम में करीब 15 प्रमुख सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इन कार्यों में सड़क विस्तार के साथ अंडरपास, सीवर-वाटर लाइन, बिजली के पोल की शिफ्टिंग और अन्य तकनीकी काम भी शामिल हैं।
हाल ही में सिंहस्थ मेला कार्यालय में तैयारियों की समीक्षा के दौरान नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों को निर्देश दिए कि जिन कार्यों को शुरू किया जाना है, उनकी ड्राइंग, डिजाइन, मार्किंग और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पहले ही पूरी कर ली जाएं। उनका कहना था कि बारिश के बाद काम शुरू होने पर किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन के कारण परियोजनाओं में देरी नहीं होनी चाहिए।
सड़क चौड़ीकरण से पहले पूरी होगी उपयोगिता लाइन की प्लानिंग
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सड़क चौड़ीकरण से पहले सीवर, पानी की पाइपलाइन और बिजली के पोल से जुड़ी व्यवस्थाओं की स्थिति स्पष्ट कर ली जाए। निर्माण के दौरान बार-बार सड़क खोदने की स्थिति न बने, इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि जिन मार्गों पर चौड़ीकरण प्रस्तावित है, वहां भवनों की मार्किंग, नोटिस, ड्राइंग-डिजाइन और अन्य आवश्यक प्रक्रिया पहले पूरी की जाए। इससे सड़क निर्माण शुरू होने के बाद काम को लगातार गति दी जा सकेगी।
इन प्रमुख मार्गों पर प्रस्तावित हैं काम
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत शहर के अलग-अलग हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण और निर्माण से जुड़े कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें प्रमुख रूप से खजूरवाली मस्जिद से जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक का मार्ग, गोपाल मंदिर से नीलकंठेश्वर मार्ग, नीलकंठ द्वार से महाकाल चौराहा, गुदरी से पानदरीबा-कहरवाड़ी होते हुए हरसिद्धि पाल तक का मार्ग और मुंबई वाले की धर्मशाला से दानीगेट तक सड़क चौड़ीकरण शामिल हैं।
इसके अलावा चौबीस खंभा माता मंदिर से छोटा रुद्रसागर, जयसिंहपुरा प्रस्तावित अंडरपास से नूतन स्कूल-चारधाम पार्किंग तक का मार्ग, दो तालाब से शांति नगर मुख्य मार्ग तक, देवास रोड से नानाखेड़ा तक एमआर-2 तथा महाकाल चौराहे से आगे के प्रमुख मार्गों पर भी सड़क विस्तार की योजना है।
अंडरपास और पार्किंग कनेक्टिविटी पर भी फोकस
सिंहस्थ के दौरान यातायात का दबाव कम करने के लिए सिर्फ सड़क चौड़ीकरण ही नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जयसिंहपुरा क्षेत्र में प्रस्तावित अंडरपास से नूतन स्कूल और चारधाम पार्किंग तक मार्ग विकसित करने की योजना इसी का हिस्सा है।
इस तरह के कार्यों का उद्देश्य प्रमुख धार्मिक स्थलों और पार्किंग क्षेत्रों के बीच आवागमन को सुगम बनाना है, ताकि सिंहस्थ के दौरान शहर में यातायात का दबाव कम किया जा सके।
विस्थापित परिवारों के लिए आवास की प्रक्रिया भी जारी
बैठक में सड़क परियोजनाओं के कारण प्रभावित होने वाले परिवारों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। गोंड बस्ती के विस्थापित परिवारों के लिए पंवासा क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस आवास निर्माण की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसके लिए संबंधित स्तर पर स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
इसके साथ ही पंवासा में आवासीय भवनों से जुड़े कार्यों और अन्य विकास योजनाओं को भी सिंहस्थ की व्यापक तैयारी से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है।
शिप्रा घाटों के उन्नयन की भी तैयारी
सिंहस्थ के दौरान शिप्रा नदी के घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए घाटों के उन्नयन की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है।
प्रशासन का प्रयास है कि सिंहस्थ से पहले शहर की सड़क, यातायात, जल निकासी, सीवर और अन्य आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित कर लिया जाए, ताकि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बारिश के बाद काम शुरू करने की तैयारी
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद प्रस्तावित निर्माण कार्यों को तेजी से शुरू किया जा सके। इसके लिए आवश्यक ड्राइंग-डिजाइन, तकनीकी स्वीकृति, टेंडर और कार्यादेश जैसी प्रक्रियाएं समय रहते पूरी करने पर जोर दिया गया है।
नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों में देरी की गुंजाइश नहीं है। सड़क चौड़ीकरण के साथ सीवर, पानी और बिजली की व्यवस्थाओं की भी पहले से प्लानिंग की जाए, ताकि निर्माण के दौरान नागरिकों को बार-बार होने वाली खुदाई और यातायात संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े।



