महाकाल सवारी मार्ग पर जर्जर भवनों के खिलाफ निगम की कार्यवाही, ढाबा रोड का गिराऊ मकान हटाया
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए क्षतिग्रस्त छज्जों और गैलरियों की हो रही पहचान; नोटिस के बाद भी भवन नहीं हटाने पर नगर निगम ने की कार्रवाई

उज्जैन, निप्र। श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने सवारी मार्ग पर जर्जर भवनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मार्ग पर स्थित कमजोर इमारतों, क्षतिग्रस्त गैलरियों और गिरने की स्थिति में पहुंच चुके छज्जों की पहचान कर उन्हें हटाने की कार्यवाही लगातार की जा रही है।
इसी क्रम में रविवार को ढाबा रोड स्थित कमला परमार के जर्जर भवन को नगर निगम की टीम ने हटाया। यह भवन लंबे समय से कमजोर स्थिति में था और सवारी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा था।
नोटिस के बाद नगर निगम ने हटाया भवन
नगर निगम के अनुसार संबंधित भवन स्वामी को पूर्व में नोटिस जारी कर असुरक्षित हिस्से को स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय-सीमा बीतने के बाद भी भवन को सुरक्षित नहीं किया गया। इसके चलते निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार गिराऊ हिस्से को हटाने की कार्यवाही की।
कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और लोगों की आवाजाही नियंत्रित रखी गई, ताकि भवन हटाते समय किसी तरह की दुर्घटना न हो।
सवारी मार्ग की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महाकाल सवारी मार्ग पर किसी भी जर्जर निर्माण को नजरअंदाज न किया जाए। भवनों की दीवारों, छज्जों, बालकनी और गैलरियों की स्थिति का लगातार निरीक्षण कर खतरे वाले हिस्सों पर तत्काल कार्यवाही की जाए।
श्रावण-भादौ में सवारी मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालु खड़े होकर बाबा महाकाल की पालकी के दर्शन करते हैं। कई लोग भवनों की छतों और गैलरियों में भी एकत्र होते हैं। ऐसे में कमजोर निर्माण का गिरना गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।
अन्य भवन स्वामियों को भी चेतावनी
नगर निगम ने सवारी मार्ग पर स्थित अन्य पुराने और क्षतिग्रस्त भवनों के स्वामियों से समय रहते मरम्मत कराने अथवा असुरक्षित हिस्से स्वयं हटाने की अपील की है। निर्देशों की अनदेखी करने पर निगम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी और उसका खर्च भी संबंधित भवन स्वामी से वसूला जा सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि सवारी में शामिल श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
भवन हटाने की कार्यवाही भवन अधिकारी राजकुमार राठौर, भवन निरीक्षक शिवम गुप्ता और नगर निगम की रिमूवल गैंग की मौजूदगी में पूरी की गई।



