उज्जैन में कायाकल्प 2.0 की सड़कों का महापौर ने किया निरीक्षण, खराब हिस्सों की मरम्मत के निर्देश
डामर उखड़ने और गड्ढे मिलने पर संबंधित ठेकेदार को नोटिस देने के निर्देश, डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में ही कराया जाएगा सुधार कार्य

उज्जैन। शहर में कायाकल्प अभियान 2.0 के तहत कराए गए डामरीकरण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर नगर निगम ने निरीक्षण शुरू किया है। मंगलवार को महापौर मुकेश टटवाल ने शहर के विभिन्न मार्गों का दौरा कर सड़कों की स्थिति और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर सड़क से डामर उखड़ा हुआ और गड्ढे दिखाई दिए। इस पर महापौर ने संबंधित अधिकारियों को ठेकेदार या एजेंसी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों पर डामरीकरण के बाद खामियां सामने आई हैं, उनकी मरम्मत संबंधित ठेकेदार से ही कराई जाए।
डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में होगी मरम्मत
महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य की डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के दौरान सामने आई खामियों का सुधार संबंधित ठेकेदार द्वारा कराया जाए। इससे नगर निगम पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा और सड़क की स्थिति भी बेहतर होगी।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता को लेकर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिन स्थानों पर डामर खराब हुआ है या सड़क पर गड्ढे बने हैं, वहां तत्काल आवश्यक सुधार कराया जाए।
मरम्मत के बाद दोबारा होगा निरीक्षण
महापौर ने अधिकारियों को सड़क कार्यों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मरम्मत पूरी होने के बाद संबंधित स्थानों का दोबारा निरीक्षण कर काम की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
इन मार्गों का किया निरीक्षण
महापौर मुकेश टटवाल ने कायाकल्प अभियान 2.0 के तहत कराए गए डामरीकरण कार्यों का विभिन्न मार्गों पर निरीक्षण किया। इनमें:
- नीलगंगा से पेशवाई मार्ग होते हुए रेलवे स्टेशन तक
- काला पत्थर से गुलमोहर कॉलोनी
- स्पोर्ट्स एरिना
- तारामंडल से हरिओम विहार होते हुए पुलिस लाइन तक
शामिल मार्ग रहे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क की सतह, डामरीकरण की स्थिति और निर्माण कार्य की गुणवत्ता का मौके पर अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालन यंत्री दीपक शर्मा और जोनल अधिकारी मनोज राजवानी सहित नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।



