उज्जैन में वायरल फीवर का बढ़ा असर, चरक अस्पताल में रोज 250 मरीज; 104°F तक पहुंच रहा बुखार
सर्दी-खांसी और तेज बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी, कई लोगों में 7 से 10 दिन तक बने रह रहे लक्षण

उज्जैन। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव, बारिश के बाद बढ़ी उमस और गर्मी के बीच शहर में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सरकारी अस्पताल से लेकर निजी क्लीनिकों तक सर्दी, खांसी और बुखार से परेशान मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। चरक अस्पताल में जहां पहले रोज करीब 50 मरीज वायरल लक्षणों के साथ आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 250 प्रतिदिन तक पहुंच गई है।
मरीजों में तेज बुखार, सिरदर्द, गले में खराश और हाथ-पैरों में दर्द जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ मरीजों में तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंचने की बात भी सामने आई है। वहीं खांसी ठीक होने में कई मामलों में दो सप्ताह तक का समय लग रहा है।
चरक अस्पताल में एक सप्ताह में 2 हजार मरीज
चरक अस्पताल की जनरल ओपीडी सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक और शाम 5 से 6 बजे तक संचालित होती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 25 अगस्त से 1 सितंबर के बीच करीब 2 हजार मरीज सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत लेकर पहुंचे। यानी औसतन प्रतिदिन लगभग 250 मरीज उपचार के लिए आए।
रात के समय संचालित इमरजेंसी ओपीडी में भी 40 से 50 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में भी इसी तरह मरीजों की संख्या बढ़ने की जानकारी सामने आ रही है।
इस बार लंबे समय तक बनी रह रही खांसी
डॉक्टरों के अनुसार इस बार वायरल संक्रमण के मरीजों में बुखार के साथ सिरदर्द और शरीर में दर्द की शिकायत अधिक देखने को मिल रही है। कई मरीजों को सामान्य होने में 5 से 10 दिन तक लग रहे हैं, जबकि खांसी इसके बाद भी लंबे समय तक बनी रह सकती है।
कुछ चिकित्सकों ने रेस्पिरेटरी वायरस जैसे आरएसवी, एडिनो और राइनो वायरस के संक्रमण का उल्लेख किया है। हालांकि, वायरस की प्रकृति में किसी नए बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं होने की बात भी सामने आई है।
डॉक्टरों ने बुजुर्गों को सावधानी बरतने की दी सलाह
आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के सीनियर डॉक्टर सुधीर गवारीकर के अनुसार अगस्त-सितंबर के दौरान फ्लू के मामले हर वर्ष सामने आते हैं और इसकी प्रकृति में बदलाव हो सकता है। इस बार कुछ मरीजों में संक्रमण अधिक परेशान करने वाला दिखाई दे रहा है। विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
माधवनगर सिविल अस्पताल के प्रभारी डॉ. विक्रम रघुवंशी ने बताया कि इस बार कुछ मरीजों में डिहाइड्रेशन की स्थिति भी देखने को मिल रही है। उन्होंने भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने, जरूरत के अनुसार मास्क लगाने और सावधानी बरतने की सलाह दी।
जिला अस्पताल के डॉ. जितेंद्र शर्मा के मुताबिक वर्तमान में बुखार के साथ सिरदर्द और हाथ-पैरों में दर्द की शिकायत वाले मरीज अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं। कई मरीजों को स्वस्थ होने में 5 से 7 दिन का समय लग रहा है।
वायरल से बचाव के लिए रखें इन बातों का ध्यान
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करें।
- बाहर से आने के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं।
- घर और कार्यालय में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें।
- एसी-कूलर की नियमित सफाई और फिल्टर की जांच कराएं।
- पर्याप्त पानी पीते रहें और डिहाइड्रेशन से बचें।
- ताजा भोजन, फल और सब्जियों को प्राथमिकता दें।
- बुजुर्ग और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले लोग संक्रमण के लक्षण होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
नोट: खबर में दिए वायरल संक्रमण, मरीजों की संख्या और डॉक्टरों के बयान उपलब्ध मूल सामग्री के आधार पर हैं। तेज बुखार या लगातार बने रहने वाले लक्षणों में चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।



