फायर अधिकारी से मारपीट के बाद नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, होटल पीतांबरा किया सील

जांच के दौरान हुए विवाद के बाद निगम का सख्त कदम, इंजीनियरों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

उज्जैन। जयसिंहपुरा स्थित होटल पीतांबरा में फायर सुरक्षा जांच के दौरान नगर निगम के प्रभारी फायर अधिकारी के साथ हुई मारपीट के मामले में नगर निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए गुरुवार को होटल को सील कर दिया। पुलिस बल और निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई की गई। इस दौरान होटल परिसर में बुलडोजर भी मौजूद रहा, हालांकि किसी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं की गई।

जानकारी के अनुसार, बुधवार को नगर निगम के प्रभारी फायर अधिकारी लक्ष्मणप्रसाद साहू होटल पीतांबरा में फायर सुरक्षा संबंधी निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान होटल संचालक के बेटे विकास आरोनिया पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगा। घटना के बाद महाकाल थाना में प्रकरण दर्ज कराया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

घटना के विरोध में नगर निगम के इंजीनियरों और कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया तथा प्रतीकात्मक कलमबंद हड़ताल भी की। कर्मचारियों ने अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार और हमले की घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

गुरुवार दोपहर नगर निगम, प्रशासन और पुलिस का संयुक्त दल होटल पीतांबरा पहुंचा। कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। प्रारंभिक चरण में होटल संचालक पक्ष ने कार्रवाई का विरोध किया और अधिकारियों के प्रवेश को रोकने का प्रयास किया। करीब दो से तीन घंटे तक चली समझाइश और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद निगम अधिकारियों ने होटल परिसर में प्रवेश कर पंचनामा तैयार किया और भवन को नियमानुसार सील कर दिया।

नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि भवन के स्वीकृत नक्शे, फायर सुरक्षा अनुमति (एनओसी) और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल होटल को नियमों के तहत सील किया गया है।

नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में बिना फायर एनओसी अथवा आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित होटल, लॉज और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। विशेष रूप से महाकाल मंदिर क्षेत्र जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

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