रेल यात्रियों को झटका: भारी बारिश के चलते, इंदौर-दौंड ट्रेन 17 जुलाई तक रद्द

पश्चिम रेलवे ने यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जांचने की सलाह दी, रतलाम मंडल ने मालगाड़ी संचालन में बनाया नया रिकॉर्ड।

उज्जैन। महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलधार बारिश का असर अब पश्चिम रेलवे के रेल संचालन पर भी दिखाई देने लगा है। भारी बारिश और परिचालन संबंधी बाधाओं के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। रेलवे प्रशासन ने इंदौर-दौंड सुपरफास्ट ट्रेन को 17 जुलाई तक निरस्त करने का निर्णय लिया है, जबकि अगस्त क्रांति राजधानी तेजस एक्सप्रेस भी शुक्रवार को रद्द रही।

रेलवे जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि रैक उपलब्ध नहीं होने के कारण 12954 हजरत निजामुद्दीन–मुंबई सेंट्रल अगस्त क्रांति राजधानी तेजस एक्सप्रेस शुक्रवार को संचालित नहीं हुई। इसका असर रतलाम मंडल के स्टेशनों पर भी पड़ा।

इसी प्रकार 22944 इंदौर-दौंड सुपरफास्ट तथा 22943 दौंड-इंदौर सुपरफास्ट ट्रेनों का संचालन 17 जुलाई तक स्थगित कर दिया गया है। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति अवश्य जांच लें।

उधना की दो स्पेशल ट्रेनों की अवधि बढ़ाई गई

यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने उधना से संचालित दो विशेष ट्रेनों के फेरे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

  • 09045 उधना–मधुबनी स्पेशल अब 26 जुलाई तक चलेगी।
  • 09046 मधुबनी–उधना स्पेशल का संचालन 27 जुलाई तक रहेगा।
  • 09047 उधना–झंझारपुर स्पेशल भी 26 जुलाई तक संचालित होगी।
  • 09048 झंझारपुर–उधना स्पेशल 27 जुलाई तक यात्रियों को सेवा देगी।

रेलवे का कहना है कि इन ट्रेनों के अतिरिक्त फेरे यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए बढ़ाए गए हैं।


रतलाम मंडल ने मालगाड़ियों के संचालन में बनाया नया रिकॉर्ड

पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने जून 2026 में माल परिवहन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। मंडल ने प्रतिदिन औसतन 57.7 क्रैक (Crack) ट्रेन संचालित कर नया रिकॉर्ड बनाया।

रेलवे के अनुसार मई 2024 में यह औसत 50.52 ट्रेन प्रतिदिन था, जबकि जून 2026 में बढ़कर 57.7 हो गया। इसके साथ ही मंडल ने 47.25 प्रतिशत क्रैक रेशियो हासिल किया, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।

जून माह में रतलाम-वटवा सेक्शन पर 124 क्रैक ट्रेन संचालित की गईं। वहीं माल लदान के क्षेत्र में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया गया। जून में 223 सीमेंट रेक, 239 क्लिंकर रेक, 36 फूड रेक तथा 70 पेट्रोलियम, ऑयल एवं लुब्रिकेंट्स (POL) रेक की लोडिंग की गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर उपलब्धि रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button