उज्जैन: मेडिकल जांच के दौरान पुलिस हिरासत से भागा प्रॉपर्टी धोखाधड़ी का आरोपी चंद घंटों में फिर गिरफ्तार
चरक अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर हुआ था फरार, बहादुरगंज की धर्मशाला से मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबोचा
उज्जैन। चिमनगंज मंडी थाना पुलिस की हिरासत से मेडिकल जांच के दौरान फरार हुआ प्रॉपर्टी धोखाधड़ी का आरोपी कुछ ही घंटों में दोबारा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी ने चरक अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के दौरान पुलिस को चकमा देकर भागने में सफलता हासिल कर ली थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार सर्च ऑपरेशन के चलते उसे बहादुरगंज स्थित एक धर्मशाला से पुनः गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, इंद्रानगर निवासी नीरज श्रीवास्तव प्रॉपर्टी धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय भैरवगढ़ जेल में बंद था। उस पर अपनी मां और एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर एक ही मकान को कई लोगों को बेचने तथा फर्जी दस्तावेज और रजिस्ट्री तैयार करने के आरोप हैं। मामले में पूछताछ के लिए चिमनगंज मंडी थाना पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लेकर आई थी।
नियमानुसार मेडिकल परीक्षण (एमएलसी) के लिए आरोपी को चरक अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों की निगरानी के बीच आरोपी ने मौका देखकर अस्पताल के इमरजेंसी गेट की ओर दौड़ लगा दी और ऊंचाई से छलांग लगाकर फरार हो गया। बताया जाता है कि वह अस्पताल के पीछे के रास्ते से क्षीरसागर रोड की दिशा में निकल गया था।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। चिमनगंज मंडी थाना पुलिस ने तत्काल शहर के विभिन्न इलाकों में नाकाबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बहादुरगंज क्षेत्र की एक धर्मशाला में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे कुछ ही घंटों के भीतर दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि फरार होने के दौरान ऊंचाई से कूदने के कारण आरोपी के दोनों पैरों और कमर में चोटें आई हैं। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे पुनः पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया है। मामले में पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।



