फायर अधिकारी से मारपीट के बाद नगर निगम का बड़ा एक्शन, पीतांबरा होटल सील
जांच के लिए पहुंची निगम टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में की कार्रवाई, दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी तय

उज्जैन। जयसिंहपुरा में नगर निगम के फायर अधिकारी लक्ष्मणप्रसाद साहू के साथ बुधवार को होटल संचालक के बेटे ने मारपीट की थी। इसके बाद गुरुवार को नगर निगम की टीम होटल पीतांबरा पर कार्रवाई करने के लिए पहुंची। बुलडोजर सहित निगमकर्मी साथ थे। लोगों के बीच चर्चा थी कि होटल पर बुलडोजर चलेगा। तीन घंटे तक ड्रामा चला और निगम की टीम होटल सील कर लौट आई।वहीं आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बुधवार को नगर निगम के प्रभारी फायर अधिकारी लक्ष्मणप्रसाद जयसिंहपुरा स्थित होटल पीतांबरा में जांच के लिए गए थे। इस दौरान होटल संचालक के बेटे विकास आरोनिया ने मारपीट की थी। इस मामले में महाकाल थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। इस घटना से नाराज निग म के इंजीनियरों ने विरोध जताया और काली पट्टी बांधकर कलमबंद हड़ताल कर दी।
गुरुवार को दोपहर में नगर निगम, पुलिस बल के साथ अधिकारी भारी अमले के साथ होटल पहुंचे। होटल संचालक के परिवार ने होटल तोडऩे का विरोध किया और अधिकारियों को अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया। करीब दो घंटे तक पुलिस, प्रशासन और निगम अधिकारियों ने समझाइश के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद निगम की टीम होटल के अंदर पहुंची और होटल को सील कर दिया। पंचनामा तैयार किया गया। हालांकि घटनाक्रम के दौरान बुलडोजर मौके पर ही खड़ा रहा। लेकिन तोडफ़ोड़ नहीं की।
इधर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि भवन के नक्शे, अनुमति और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद ही तय होगा कि सीलिंग के बाद आगे क्या कार्रवाई की जाए। फिलहाल होटल को नियमानुसार सील किया गया है।
निगम अधिकारियों ने कहा कि शहर में बिना फायर एनओसी और आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। विशेष रूप से महाकाल मंदिर क्षेत्र जैसे संवेदनशील इलाके में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी होटल और लाज संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।



