उज्जैन जनसुनवाई में पहुंचे 181 आवेदक, जमीन विवाद और अतिक्रमण से जुड़े मामलों पर दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कुमट ने सुनी नागरिकों की समस्याएं, संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश

उज्जैन। शासन के निर्देशानुसार मंगलवार को प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित जनसुनवाई में सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कुमट ने कुल 181 आवेदकों से आवेदन प्राप्त किए और संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान राजस्व, भूमि विवाद, अतिक्रमण, नामांतरण और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़े आवेदन प्रमुखता से सामने आए। अधिकारियों ने मौके पर ही कई प्रकरणों की सुनवाई कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
फर्जी नामांतरण की शिकायत पर जांच के निर्देश
बड़नगर निवासी संगीता ने आवेदन देकर बताया कि ग्राम झितरखेड़ी स्थित उनकी पैतृक कृषि भूमि का परिवार के कुछ सदस्यों ने कथित रूप से छलपूर्वक बंटवारा कर अपने नाम नामांतरण करा लिया है। इस शिकायत पर एसडीएम घट्टिया को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
भूमि बंटवारे का मामला भी पहुंचा जनसुनवाई में
बड़नगर निवासी गजेंद्र यादव ने ग्राम भेसलाकला स्थित अपनी कृषि भूमि के बंटवारे में हो रही देरी की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि आवेदन देने के बावजूद अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस पर तहसीलदार बड़नगर को मामले की जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अतिक्रमण से बंद हुआ रास्ता, किसान ने लगाई गुहार
माकड़ौन निवासी देवीलाल ने शिकायत की कि उनकी कृषि भूमि तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर अवैध अतिक्रमण कर रास्ता बंद कर दिया गया है, जिससे खेती और आवागमन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। आवेदन पर तहसीलदार माकड़ौन को मौके की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में एडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जर, अपर कलेक्टर शाश्वत शर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भी नागरिकों की समस्याएं सुनकर संबंधित मामलों में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।



