गुरु पूर्णिमा पर संत प्रेमानंद के दर्शन के लिए नई व्यवस्था, आश्रम ने श्रद्धालुओं के लिए जारी की गाइडलाइन
23 से 29 जुलाई तक निर्धारित समय पर होंगे दर्शन, रात में अकेले यमुना कुंज आश्रम न जाने की अपील

वृंदावन। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन और चरण पादुका पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए श्रीराधा केलिकुंज आश्रम ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आश्रम प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समूह में यात्रा करने और रात के समय अकेले यमुना कुंज आश्रम नहीं जाने की अपील की है।
आश्रम के अनुसार, गुरु पूर्णिमा पर दर्शन के लिए आने वाले दीक्षित शिष्यों को भोर में निर्धारित समय तक यमुना पार स्थित यमुना कुंज आश्रम पहुंचना होगा। चूंकि आश्रम तक जाने वाला मार्ग रात के समय अपेक्षाकृत सुनसान रहता है, इसलिए श्रद्धालुओं को अकेले यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।
आश्रम प्रशासन ने बताया कि जो श्रद्धालु अकेले वृंदावन पहुंचते हैं, वे पहले रात लगभग 1 बजे तक श्रीराधा केलिकुंज आश्रम पहुंचें। यहां से निजी वाहन से आने वाले अन्य श्रद्धालुओं के साथ समूह बनाकर यमुना कुंज आश्रम जाने की व्यवस्था की जाएगी। ई-रिक्शा या ऑटो से जाने वाले श्रद्धालुओं को भी समूह में यात्रा करने की सलाह दी गई है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संत प्रेमानंद महाराज 23 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 4:30 बजे से 5:30 बजे तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राज्यों के दीक्षित शिष्यों के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं, ताकि व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
आश्रम ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा के मद्देनजर सामूहिक रूप से यात्रा करें।



