हर उम्र के लिए अलग है फिटनेस का फॉर्मूला, सही उम्र में सही वर्कआउट से मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य
डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के अनुसार उम्र के हिसाब से बदलनी चाहिए एक्सरसाइज की तीव्रता और अवधि, जरूरत से ज्यादा वर्कआउट भी बन सकता है नुकसान की वजह

स्वस्थ और फिट रहने के लिए नियमित व्यायाम जरूरी है, लेकिन हर उम्र में एक जैसी एक्सरसाइज करना सही नहीं माना जाता। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की गाइडलाइन के अनुसार अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों के लिए व्यायाम की अवधि, तीव्रता और प्रकार अलग होना चाहिए। उम्र के अनुरूप किया गया वर्कआउट शरीर को अधिक लाभ पहुंचाता है, जबकि जरूरत से ज्यादा या गलत एक्सरसाइज थकान, चोट और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
5 से 17 वर्ष के बच्चों के लिए
इस आयु वर्ग के बच्चों को प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट मध्यम से तेज गति वाली शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। दौड़ना, रस्सी कूदना, साइकिल चलाना और खेलकूद जैसी गतिविधियां उनके शरीर और हड्डियों के विकास में मदद करती हैं। सप्ताह में कम से कम तीन दिन मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाने वाली गतिविधियां भी शामिल करना लाभकारी माना जाता है।
18 से 64 वर्ष के वयस्क
इस आयु वर्ग के लोगों को सप्ताह में 150 से 300 मिनट तक मध्यम गति वाली एरोबिक एक्सरसाइज या 75 से 150 मिनट तक तेज गति वाली गतिविधि करने की सलाह दी जाती है। इसके साथ सप्ताह में कम से कम दो दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या मसल्स मजबूत करने वाले व्यायाम भी शामिल करने चाहिए।
65 वर्ष और उससे अधिक आयु
बुजुर्ग भी अपनी क्षमता के अनुसार नियमित व्यायाम कर सकते हैं। हल्की वॉकिंग, योग, स्ट्रेचिंग और संतुलन बनाए रखने वाले अभ्यास उनके लिए अधिक लाभदायक होते हैं। सप्ताह में दो दिन हल्की मसल्स स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज भी की जा सकती है, जिससे गिरने का खतरा कम होता है और शरीर सक्रिय बना रहता है।
क्रॉनिक बीमारी या दिव्यांगजन
जिन लोगों को कोई पुरानी बीमारी या शारीरिक चुनौती है, वे भी चिकित्सक या प्रशिक्षित विशेषज्ञ की सलाह और निगरानी में नियमित व्यायाम कर सकते हैं।
नियमित व्यायाम के प्रमुख फायदे
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
- हृदय और मस्तिष्क का स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
- संतुलन और लचीलापन बढ़ता है।
- अच्छी और गहरी नींद आती है।
- मानसिक तनाव कम होता है और ऊर्जा बनी रहती है।
इन संकेतों को नजरअंदाज न करें
यदि व्यायाम के बाद लगातार थकान, प्रदर्शन में कमी, चिड़चिड़ापन, नींद की समस्या, बार-बार चोट लगना, सूजन, सर्दी-जुकाम या तेजी से वजन कम होने जैसी समस्याएं दिखाई दें, तो यह जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज का संकेत हो सकता है। ऐसे में वर्कआउट की तीव्रता कम करें और विशेषज्ञ की सलाह लें।
नोट: यह जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सामान्य फिटनेस गाइडलाइन पर आधारित है। यदि किसी व्यक्ति को गंभीर बीमारी, चोट या विशेष स्वास्थ्य समस्या है, तो व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिटनेस विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


