उज्जैन के मित्रविंदा धाम में जन्माष्टमी की धूम, आधी रात होगी श्रीकृष्ण की महाआरती
4 सितंबर को विशेष अभिषेक, भजन संध्या और फलाहारी भंडारा; श्रद्धालुओं को प्रसाद में बांटे जाएंगे मोरपंख

उज्जैन। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर उज्जैन के धार्मिक स्थलों पर तैयारियां तेज हो गई हैं। भैरवगढ़ रोड स्थित श्री कृष्ण मित्रविंदा धाम में जन्मोत्सव को लेकर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। मंदिर को आकर्षक रोशनी और सजावटी मालाओं से सजाया गया है। जन्माष्टमी के दिन यहां दिनभर धार्मिक कार्यक्रम होंगे और रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर महाआरती की जाएगी।
मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार श्री कृष्ण मित्रविंदा धाम का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की पांचवीं पटरानी महारानी मित्रविंदा से माना जाता है। इसी वजह से इस स्थान को भगवान श्रीकृष्ण की ससुराल के रूप में भी जाना जाता है।
दोपहर से शुरू होंगे विशेष आयोजन
धाम के पंडित गिरीश गुरु के अनुसार 4 सितंबर को दोपहर 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का विशेष अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद शाम 6 बजे श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था रहेगी। भक्तों को प्रसाद स्वरूप मोरपंख भी वितरित किए जाएंगे।
शाम 7 बजे से दिल्ली से आने वाले भजन गायक रितिक गुप्ता की भजन संध्या होगी। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए फलाहारी भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य अवसर पर विशेष महाआरती के साथ जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
सजावट से बदला धाम का स्वरूप
जन्माष्टमी को देखते हुए मंदिर परिसर की विशेष सजावट की गई है। लाल रंग की मोतियों वाली मालाओं, झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से धाम को सजाया गया है। आयोजन को लेकर मंदिर परिवार और भक्त मंडल व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
यह आयोजन परमपूज्य संत शंकर गुरुजी “बालक” की प्रेरणा से भक्त मंडल एवं श्री कृष्ण मित्रविंदा धाम परिवार द्वारा किया जा रहा है।
भगवान कृष्ण की ससुराल के नाम से प्रसिद्ध
पौराणिक मान्यताओं में मित्रविंदा को अवंती की राजकुमारी और भगवान श्रीकृष्ण की प्रमुख पटरानियों में शामिल बताया गया है। श्रीकृष्ण और मित्रविंदा के विवाह से जुड़ी मान्यताओं के चलते मित्रविंदा धाम को भगवान श्रीकृष्ण की ससुराल के रूप में पहचान मिली है। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां होने वाले विशेष धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।



